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Khan Sir Defamation Case :अंजना ओम कश्यप मानहानि केस में दिल्ली हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार

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Live Dainik

June 17, 2026

Khan Sir Defamation Case :अंजना ओम कश्यप मानहानि केस में दिल्ली हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार

रांचीः खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर खान सर के खिलाफ दायर मानहानि मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। बुधवार को एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार कर दिया।अदालत ने कहा कि पूर्व में जारी नोटिस पर कई प्रतिवादियों ने जवाब नहीं दाखिल किया है। ऐसे में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाता है। मामले पर अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।
इससे पहले सोमवार को मामले की सुनवाई हुई थी, जिसमें अदालत ने खान सर और अन्य टीचर को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। साथ ही उन टीचर्स को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो को हटाने की अंजना की तरफ से की गई मांग को अदालत ने ठुकरा दिया। इससे पहले भी 8 जून को मामले में नोटिस जारी करते हुए अदालत ने कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार कर दिया था।
पत्रकार ने 2 करोड़ के मानहानि का किया दावा
दिल्ली की एक वरिष्ठ महिला पत्रकार ने खान सर के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए गए हैं। इस मामले में उन्होंने खान सर के अलावा कुछ अन्य कोचिंग टीचर्स के खिलाफ भी 2 करोड़ के मानहानि का दावा दायर किया है।याचिका में आरोप है कि खान सर समेत कई लोगों ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों को इस्तेमाल किया। महिला पत्रकार और उनके संस्थान को ‘बिकाऊ पत्रकार’, ‘चाटुकार’, ‘दलाल’ और ‘फेक न्यूज की दुकान’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया।
याचिकाकर्ता की क्या मांग है?
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से कथित मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो हटाने, भविष्य में ऐसी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर रोक लगाने तथा 2 करोड़ रुपये हर्जाना दिलाने की मांग की है।
खान सर पक्ष ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान खान सर और अन्य पक्षों की ओर से प्रारंभिक आपत्ति उठाई गई। उनका कहना था कि अलग-अलग लोगों और अलग-अलग कारणों से जुड़े मामलों को एक ही याचिका में शामिल किया गया है। इसलिए वर्तमान स्वरूप में याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
याचिका के अनुसार, विवाद 29 मई को शुरू हुआ था। आरोप है कि एक टीवी कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और ऑनलाइन स्टार टीचर्स के बढ़ते प्रभाव पर टिप्पणी की गई थी। इसके बाद 30 मई से 4 जून के बीच सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभियान चलाया गया।मुकदमे में खान सर के अलावा शिक्षक अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी और अरविंद भदौरिया को भी पक्षकार बनाया गया है। इसके साथ ही कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स और एक न्यूज़ नेटवर्क को भी मामले में शामिल किया गया है।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए हैं?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में महिला पत्रकार और उनके संस्थान को ‘बिकाऊ पत्रकार’, ‘चाटुकार’, ‘दलाल’ और ‘फेक न्यूज की दुकान’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। दावा किया गया है कि इन टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
बच्चे के स्कूल का नाम उजागर करने का भी आरोप
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि खान सर ने सार्वजनिक रूप से महिला पत्रकार के बच्चे के स्कूल का नाम बताया। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस जानकारी का विवाद से कोई संबंध नहीं था और इससे परिवार की निजता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

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