डेस्कः मिडिल-ईस्ट में एक बार फिर जंग तेज हो गई है। रविवार देर रात ईरान ने इजरायल पर हमले किए थे, जिसके जवाब में अब सोमवार तड़के इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ा हवाई हमला किया।इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी की परवाह किए बिना ईरान पर जवाबी हमला कर दिया है।इजरालयी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि इजरायल की वायु सेना ने कुछ समय पहले पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। ईरान की राजधानी तेहरान तक धमाके सुने गए हैं। इजरायली हमले के बाद ईरान ने तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की थी और उन्हें साफ-साफ ईरान पर जवाबी हमला करने से रुकने को कहा था।
ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, देश में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इजरायल ने राजधानी तेहरान, इस्फहान,तब्रीज और पश्चिमी ईरान के कुछ दूसरे हिस्सों में मिसाइलें बरसाई हैं। लेबनान की राजधानी बेरूत से भी धमाकों की आवाजें सुनाई दी।ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सभी आने वाली उड़ानों को अगली सूचना तक रोक दिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है। यह एयरपोर्ट हाल ही में अप्रैल में कुछ समय के लिए बंद रहने के बाद दोबारा खोला गया था।
इजराइल को समझौता मानना होगा: ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक फोन इंटरव्यू में कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले किसी भी समझौते को मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल के पास कोई विकल्प नहीं होगा। मैं ही फैसले करता हूं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि हाल के हमलों का किसी संभावित समझौते पर कोई असर नहीं पड़ा है।उन्होंने कहा कि यह संघर्ष बहुत पुराना है और लंबे समय से चलता आ रहा है। ट्रंप ने कहा कि हम देखेंगे कि यह आखिर कैसे खत्म होता है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका का मकसद इस पूरे मामले को नियंत्रित करना और आगे किसी बड़े युद्ध को रोकना है।



