रांचीः बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान एवं भूतत्व विभाग, उद्योग विभाग और भवन निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं तथा लंबित कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध खनन पर कड़ी सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोकना सुनिश्चित किया जाए। प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित सभी सरकारी भवनों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए।
आज उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को दावोस की प्रगति, राज्य में साइकिल और टेक्सटाइल उद्योग, विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, झारक्राफ्ट, माटी कला बोर्ड, आदि को लेकर कई दिशा निर्देश दिए। pic.twitter.com/2FEDs1POW7
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 3, 2026
राज्य में सोने का उत्पादन बढ़ाने को लेकर निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित कुल सात स्वर्ण खदानों की समीक्षा करते हुए इनके उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल 20 किलोग्राम सोना का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान उन्होंने वर्तमान उत्पादन क्षमता, संचालन की स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं और इस क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोल्ड माइनिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए तकनीकी उन्नयन, निवेश आकर्षण तथा प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से इस क्षेत्र को और सशक्त बनाया जाए, ताकि राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।
निष्क्रिय खदानों से उत्पादन शुरू करें अथवा लीज निरस्त कर दोबारा ऑक्शन हो
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने हेतु प्रक्रिया चलाने अथवा उपाय तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाए अथवा लीज निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।जिन खनिज ब्लाकों का आक्शन हो चुका है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें निरस्त कर पुनः राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा आक्शन किया जाए।
#WATCH रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान एवं भूविज्ञान विभाग और भवन निर्माण विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। pic.twitter.com/ofqumPoAmW
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अनुषंगी इकाइयों को अधिक खान आरक्षित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले।इसके लिए उन्होंने माइनिंग कंपनी में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा दोनों संस्थाओं के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने डीएमएफटी निधि के समुचित उपयोग के लिए राज्य स्तर पर परियोजनाएं तैयार कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
अवैध खनन एवं बालू उठाव पर प्रभावी नियंत्रण हो
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, विशेषकर बालू उठाव की रोकथाम के लिए आधुनिक एवं तकनीक आधारित उपाय अपनाने के निर्देश दिए। राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है, जबकि 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 का आक्शन किया जा चुका है।मुख्यमंत्री ने आक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने तथा शेष घाटों का शीघ्र आक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, मशीन से बालू उठाव पर रोक संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा।मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण, सघन निगरानी तथा विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वित अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।
आज खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक में कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई जैसे माइनस एवं मिनरल्स क्षेत्र में राज्य को पूर्व से लगातार बढ़ोत्तरी हुई है, जो बेहतर है, इसे और आगे बढ़ाने का काम करें। विभाग को यह भी कहा है कि माइनस क्षेत्र में राजस्व बढ़ाने हेतु विभाग प्लान सबमिट… pic.twitter.com/Wr3BR5F2RI
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छात्रावासों में ऊर्जा आपूर्ति सुदृढ़ करने की योजना बनाएं
मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए योग्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपूर्ति प्रणाली को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आवश्यक क्षेत्रों तक समय पर कोयला उपलब्ध हो सके।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को इस विषय पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए कहा कि एक सुविचारित एवं व्यवहारिक योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाए, ताकि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इमराल्ड ब्लाकों को सुरक्षित रखने का निर्देश
इमराल्ड (पन्ना) हेतु चिह्नित खनिज ब्लाकों को एमएमडीआर अधिनियम के तहत जेएसएमडीसी के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश देते हुए सीएम ने इससे संबंधित प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति शीघ्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने पत्थर के अत्यधिक बाहरी निर्यात पर नियंत्रण के उपाय खोजने तथा पहाड़ों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
भवन निर्माण विभाग की समीक्षा
भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना के निर्माण के निर्देश दिए। उन्हाेंने विभिन्न सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, आवासीय भवनों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों की नियमित मानिटरिंग करने तथा आधुनिक एवं टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण कराने पर बल दिया। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


