डेस्कः पटना विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित सीनेट बैठक के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। विश्वविद्यालय के जयप्रकाश अनुसदन में चल रही सीनेट बैठक के बाहर छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आईसा समेत कई छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
सीनेट बैठक के बाहर छात्रों का हंगामा : प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों की अनदेखी कर रहा है। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में लगातार कई समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन उन मुद्दों पर सीनेट बैठक में गंभीर चर्चा नहीं की जा रही है। छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव, नामांकन, परीक्षा व्यवस्था, रिजल्ट में देरी और विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाए।
सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच धक्कामुक्की : हंगामे के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी छात्र जयप्रकाश अनुसदन के मुख्य गेट के पास पहुंच गए। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद गार्डों ने छात्रों को अंदर जाने से रोकने की कोशिश की, जबकि छात्र सीनेट बैठक में अपनी बात रखने की मांग कर रहे थे।
पटना यूनिवर्सिटी की सीनेट बैठक में हंगामा
AISA कार्यकर्ताओं ने MLC नीरज सिंह को घेरा
बैठक के दौरान छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन
TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर रोष
#Bihar pic.twitter.com/V0R452XieF— Live Dainik (@Live_Dainik) May 23, 2026
स्थिति को किया गया नियंत्रित : कुछ देर तक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. प्रदर्शनकारी छात्र लगातार नारेबाजी करते रहे और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। हालांकि बाद में विश्वविद्यालय अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके बाद सीनेट बैठक की कार्यवाही जारी रखी गई।
‘छात्रों की समस्याओं को नियमानुसार सुना जाएगा’ : छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े कई अहम मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं।उनका आरोप है कि प्रशासन सिर्फ औपचारिक बैठकों तक सीमित है और जमीनी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया कि परिसर में शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और छात्रों की समस्याओं को नियमानुसार सुना जाएगा।

