रांचीः देवघर जिले के मधुपुर प्रखंड स्थित बिल्ली गांव की रहने वाली गौरी देवी के परिवार को आखिरकार एक साल के बाद राहत के रूप में सरकारी सहायता मिल गयी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकार सोहन सिंह के पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए जिले के उपायुक्त को शीघ्र मदद पहुंचाने और विलंब के लिए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश देने के 24 घंटे के अंदर पीड़ित परिवार को अबुआ आवास और पेंशन की स्वीकृति दे दी गई।

दरअसल, सड़क हादसे में गौरी के पति मंटू मांझी की 22 दिसंबर 2024 को मौत हो गयी थी। परिवार एक साल से आर्थिक संकट में था और मुआवजे के लिए भटक रहा था। मुख्यमंत्री के संज्ञान और ट्विट के बाद डीसी शशि प्रकाश सिंह ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद गौरी देवी को अबुआ आवास और सर्वजन पेंशन योजना का लाभ स्वीकृत कर दिया गया।साथ ही बच्चों को स्पॉन्सरशिप और कौशल विकास योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है। वहीं, मुआवजा लंबित रहने और एक वर्ष तक कार्रवाई नहीं होने पर अंचलाधिकारी, सारठ से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उपायुक्त के निर्देश पर गुनिया पंचायत के बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी और उनके दो बच्चों से मधुपुर बीडीओ अजय कुमार दास, सीओ यमुना रविदास एवं कृष्णा चंद्र मुंडा ने मंगलवार देर रात मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग दिया तथा सड़क दुर्घटना से जुड़ी मुआवजा राशि नियम संगत जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया।



