रांची के तुपुदाना में एक गिरगिट बंद करा दी 80 फैक्ट्रियां, इंजीनियर 40 मिनट तक खोजते रहे फॉल्ट

रांची के तुपुदाना में एक गिरगिट बंद करा दी 80 फैक्ट्रियां, इंजीनियर 40 मिनट तक खोजते रहे फॉल्ट

रांचीः राजधानी रांची के तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया के 80 फैक्ट्रियां को करीब 45 मिनट तक बिजली गुल रही और उत्पादन ठप रहा। बताया गया कि हाई वोल्टेज तारों में फॉल्ट के कारण सोमवार की सुबह में जोरदार स्पार्क और धमाका हुआ। सुबह 10 बजे के करीब जो बिजली गुल हुई, वह सुबह 10.45 में जाकर बहाल हुई। इस दौरान लगभग 80 कारखानों का कामकाज प्रभावित रहा और व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा।घटना डोरंडा डिवीजन अंतर्गत तुपुदाना बिजली सब स्टेशन की है, जहां सुबह करीब 10 बजे कार्टून फीडर अचानक बंद हो गया। शुरुआत में अधिकारियों को तकनीकी खराबी का अंदेशा हुआ, लेकिन काफी देर तक जांच के बावजूद फाल्ट का पता नहीं चल सका।
गिरगिट फीडर के कांटेक्ट पाइंट पर फंस गई
बाद में पता चला कि एक गिरगिट फीडर के कांटेक्ट पाइंट पर फंस गई थी, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। तुपुदाना फीडर बंद होने से पूरे इंडस्ट्रियल एरिया की गतिविधियां रुक गई। प्लास्टिक, पैकेजिंग, कार्टून और अन्य उत्पादन इकाइयों में मशीनें बंद हो गईं। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन कार्य बीच में रोकना पड़ा। बाद में पता चला कि एक गिरगिट फीडर के कांटेक्ट पाइंट पर फंस गई थी, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। तुपुदाना फीडर बंद होने से पूरे इंडस्ट्रियल एरिया की गतिविधियां रुक गई। प्लास्टिक, पैकेजिंग, कार्टून और अन्य उत्पादन इकाइयों में मशीनें बंद हो गईं। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन कार्य बीच में रोकना पड़ा।
डीजल की कमी के कारण जनरेटर चलाना भी मुश्किल
व्यापारी अजय कुमार ने बताया कि एक गिरगिट ने बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि तुपुदाना क्षेत्र के उद्योग पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं, क्योंकि डीजल की कमी के कारण जनरेटर चलाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में थोड़ी देर की बिजली कटौती भी भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है। उन्होंने दावा किया कि इस 40 से 50 मिनट की बिजली बाधा से उद्योगों को करीब 40 से 50 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है।
प्लास्टिक उद्योगों को सबसे ज्यादा असर
उद्योगपतियों के अनुसार प्लास्टिक यूनिट्स को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। मशीनें बंद होते ही यूनिट का तापमान गिर जाता है और दोबारा उत्पादन शुरू करने के लिए मशीनों को फिर से गर्म करना पड़ता है। इससे समय और लागत दोनों बढ़ जाते हैं।कई कारखानों में तैयार हो रहा माल भी प्रभावित हुआ। छोटे उद्योगों के संचालकों ने कहा कि लगातार इस तरह की घटनाएं होने से उत्पादन लागत बढ़ रही है और समय पर ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
फाल्ट खोजते रहे अधिकारी, बाद में सामने आई वजह
बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने फाल्ट तलाशना शुरू किया। लगभग 40 मिनट तक इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी लाइन की जांच करते रहे, लेकिन समस्या पकड़ में नहीं आई। बाद में वरिष्ठ इंजीनियरों को बुलाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कार्टून फीडर के कनेक्टिंग प्वाइंट पर एक गिरगिट फंसी हुई थी। उसके संपर्क में आने से फीडर ट्रिप कर गया था। इसके बाद तत्काल उसे हटाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
सब स्टेशनों में बढ़ रहा जीव-जंतुओं का खतरा
रांची एरिया बोर्ड के अंतर्गत करीब 150 सब स्टेशन संचालित हैं। इनमें से कई सब स्टेशनों के आसपास घास और जंगली पौधे उग आए हैं। सफाई की कमी के कारण यहां गिरगिट, सांप और छिपकली जैसे जीव-जंतु आसानी से पहुंच जाते हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये जीव अक्सर फीडर, इंसुलेटर और कनेक्टिंग प्वाइंट के आसपास घूमते रहते हैं। संपर्क में आने पर वे करंट की चपेट में आ जाते हैं और इससे फीडर ट्रिप हो जाता है। परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।

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