सहरसाः मिड-डे मील में गुरुवार को सांप मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। विषाक्त भोजन खाने से दो स्कूलों के 300 बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र महिषी और नवहट्टा में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से बीमार 115 बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। शाम में महिषी और नवहट्टा के स्वास्थ्य केंद्रों से बच्चों को छुट्टी दे दी गई।
डीएम दीपेश कुमार महिषी ने जांच के आदेश दि। एफएसएल टीम ने भी स्कूल पहुंचकर खाने के सैंपल लिए। बताया जाता है कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर दलित उत्थान संस्थान के नाम से एनजीओ चलाने वाली दिल्ली की एजेंसी भोजन तैयार करती थी। स्थानीय पेटी कांट्रैक्टर पर आउट सोर्सिंग के जरिये महिषी और नवहट्टा प्रखंड के तटबंध के बाहर के स्कूलों में भोजन मुहैया कराता है। महिषी के मध्य विद्यालय बलुआहा में गुरुवार को एक से पांच वर्ग के 158 बच्चों और छह से आठ तक के 130 बच्चों को खाना परोसा गया। इसमें मरा हुआ सांप था। इसे खाते ही बच्चे बीमार होने लगे। सभी को उल्टी और पेट दर्द होने लगा और अफरातफरी मच गई। जिसके बाद शिक्षकों ने तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गये। गुस्साये अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन और एमडीएम व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख मौके पर पुलिस पहुंची और लोगों को शांत कराया।एहतियात के तौर पर विद्यालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी, जिससे पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों की जांच शुरू कर दी है। पीएचसी एवं सदर अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी रखी जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। मामला सामने आने के बाद डीएम दीपेश कुमार व एसपी हिमांशु तत्काल अस्पताल पहुंचकर बच्चों की हालत की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से भी बातचीत की।


