पलामूः जिले के पांकी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(CHC) से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाले एक घटना सामने आई है। प्रसव कराने आई एक महिला और उनके परिजनों से अवैध वसूली का आरोप लगाया है। झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार सोहन सिंह ने इससे संबंधित एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फौरन मामले को संज्ञान में लेते हुए पलामू उपायुक्त को अविलंब दोषियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया, साथ ही उपायुक्त को सभी अस्पतालों का ऑडिट कर ऐसे घटनाओं पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
.@DC_Palamu अविलंब संज्ञान लें और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सूचित करें।
अन्य सभी उपायुक्त भी सारे अस्पतालों का ऑडिट करें और ऐसे किसी भी कुकृत्य पर रोक लगायें। https://t.co/aG3DRzID2m
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) May 3, 2026
राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाता है। निःशुल्क प्रसव सेवा देने के दावों के बीच पांकी सीएचसी में “पहले पैसा, फिर इलाज” का खेल चलने की बात सामने आ रही है।पीड़ित परिवारों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों द्वारा अलग-अलग बहानों से पैसे की मांग की जाती है। पैसे नहीं देने पर मरीजों को देर रात गंभीर स्थिति बताकर बड़े अस्पताल रेफर करने की धमकी दी जाती है। हैरानी की बात यह है कि जिन मरीजों को पहले गंभीर बताकर रेफर करने की बात कही जाती है, उन्हीं का पैसा मिलने के बाद उसी अस्पताल में सामान्य प्रसव करा दिया जाता है।इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि बिना पैसे दिए उचित इलाज नहीं किया जाता और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है।



