Jharkhand Treasury Scam: DSP रैंक के अधिकारियों ने नहीं लिया दोहरा वेतन,झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन का स्पष्टीकरण

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May 2, 2026

रांचीः झारखंड ट्रेजरी घोटाले का मामला सामने आने के बाद फर्जी तरीके से DSP अधिकारियों द्वारा फर्जी तरीके से दोहरा वेतन लिये जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद इस मामले में झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पत्र जारी कर मीडिया में चलाई जा रही डीएसपी के दोहरे वेतन की खबरों का खंडन किया है।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई घोटाला या फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि एक क्लर्कियल गलती थी, और संबंधित अधिकारियों ने अतिरिक्त राशि पहले ही सरकारी खजाने में वापस जमा कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
एसोसिएशन के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि हाल ही में कुछ समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी कि राज्य के 14 कोषागारों से सांठगांठ कर डीएसपी, शिक्षकों और चतुर्थ वर्गीय कर्मियों ने फर्जी तरीके से दोहरा वेतन निकाला है। इस खबर के केंद्र में पलामू जिले में तैनात रहे चार पुलिस उपाधीक्षक थे। जिनमें जिनमें मुकेश कुमार महतो, मणिभूषण प्रसाद (सेवानिवृत्त), मो. नौशाद आलम और राजेश यादव (परिव्ययमान डीएसपी) शामिल है।
ऑडिट में सामने आई बात:
एसोसिएशन के अनुसार, प्रधान महालेखाकार झारखंड द्वारा किए गए ऑडिट के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 में इन अधिकारियों के खाते में महंगाई भत्ता के एरियर का दोहरा भुगतान हो गया था। यह राशि लगभग छह हजार रुपये या उससे कम थी।

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एसोसिएशन का पक्ष और सफाई:
झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर कुमार पाण्डेय और उपाध्यक्ष संजय कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह भुगतान प्रक्रियात्मक चूक या क्लर्कियल गलती प्रतीत होती है, जिसकी जांच की जा रही है। जैसे ही इन पुलिस उपाधीक्षकों को इस अतिरिक्त भुगतान की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत ट्रेजरी चालान के माध्यम से पूरी राशि सरकारी खाते में वापस जमा कर दी। एसोसिएशन ने उन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है जिनमें कहा गया था कि अधिकारियों ने अपना पूरा मासिक वेतन दो बार प्राप्त किया है। सच्चाई यह है कि यह केवल डीए एरियर की एक छोटी सी राशि थी। एसोसिएशन ने कहा है कि इस चूक के लिए जिम्मेदार कर्मियों की पहचान की जाएगी। साथ ही, मीडिया से अपील की गई है कि ऐसी खबरें प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर ली जाए और संबंधित पक्ष का पक्ष भी लिया जाए।

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