डेस्कः आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए संदीप पाठक पर पंजाब पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न से जैसे गंभीर धाराओं में दो गैरजमानती एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब पुलिस संदीप पाठक को गिरफ्तार करने दिल्ली पहुंची। संदीप पाठक को जब ये सूचना लगी तो वो अपने दिल्ली स्थित घर के पीछे वाली गली से भाग निकले।
पंजाब पुलिस को चकमा
‘आप’ छोड़ बीजेपी में शामिल हुए राज्य सभा सांसद संदीप पाठक को आज सुबह जब पंजाब पुलिस उनके दिल्ली निवास पर गिरफ़्तार करने पहुँची को वे पिछली गली से निकल गए। पंजाब में पाठक पर दो FIR दर्ज हैं। एक AAP छोड़ने के तुरंत बाद का है और क़रीब 25 साल पुराना। pic.twitter.com/DjwGI9zrGN
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) May 2, 2026
संदीप पाठक उन सात सांसदों में शामिल थे जिन्होंने हाल ही में अरविंद केजरीवाल की पार्टी (AAP) का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।पाठक को 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में 'आप' की प्रचंड जीत का मुख्य वास्तुकार माना जाता है।यह पुलिसिया कार्रवाई पंजाब विधानसभा में 'आप' सरकार द्वारा विश्वास मत जीतने के ठीक एक दिन बाद सामने आई है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी FIR की जानकारी नहीं है और न ही पुलिस ने उन्हें सूचित किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा, "मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से देश की सेवा की है। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो रही है, तो यह दर्शाता है कि वे (सरकार) कितने डरे हुए हैं"।
संदीप पाठक के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।भाजपा का कहना है कि पंजाब में अब कानून का नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की भावना का शासन चल रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जैसे ही संदीप पाठक 'आप' छोड़कर भाजपा में शामिल हुए, उनके खिलाफ अचानक गैर-जमानती FIR दर्ज कर दी गई। यह मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के डर और असुरक्षा को उजागर करता है।



