DESK:जमशेदपुर के बड़े उद्योगपति कैरव गांधी के सनसनीखेज अपहरण मामले में बिष्टुपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपितों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों को नामजद किया है, हालांकि मुख्य सरगना तेजिंदर पाल सिंह समेत सात अपराधी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
इन 11 आरोपितों के खिलाफ दाखिल हुआ चार्जशीट
पुलिस द्वारा अदालत में सौंपे गए आरोप पत्र में बिहार, दिल्ली, कोलकाता और लुधियाना के अपराधी शामिल हैं। इनमें गुड्डू सिंह (नालंदा), मो. इमरान (नालंदा), उपेंद्र सिंह (गया), अर्जुन सिंह (गया), रमीज रजा (नालंदा), मोहन प्रसाद (सारण), मनप्रीत सिंह (लुधियाना), अमरिंदर सिंह (लुधियाना), गुरदीत शेर सिंह (कोलकाता), संतोष कुमार (दिल्ली) और राजकरण यादव (शेखपुरा) के नाम प्रमुख हैं।
मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर अब भी फरार
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती मामले का मुख्य सूत्रधार तेजिंदर पाल सिंह (लुधियाना) है, जो सात अन्य सहयोगियों के साथ फरार चल रहा है।
फरार अपराधियों में साद आलम, सब्बन खान, रुपेश पासवान, अंकित कुमार, उदय कुमार और विक्की कुमार उर्फ मंतोष शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त कर लिया है और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।
क्या था पूरा मामला?
अपहरण: 13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण सोनारी-कदमा लिंक रोड स्थित गोलचक्कर के पास से किया गया था।
साजिश: अपराधियों ने पुलिस की वर्दी पहनकर इस वारदात को अंजाम दिया था, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था।
रिहाई: पुलिस के चौतरफा दबाव के कारण अपहरणकर्ता 13 दिनों तक बंधक बनाकर रखने के बाद 27 जनवरी को कैरव गांधी को चौपारण-बरही मार्ग पर छोड़कर भाग निकले थे।
मुठभेड़: जांच के दौरान पुलिस की बिष्टुपुर साईं मंदिर के पास अपराधियों से मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें तीन अपराधी घायल हुए थे।
बरामदगी और शिनाख्त
जांच के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो, दो देसी कट्टे और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। उद्यमी कैरव गांधी पहले ही टीआई परेड (शिनाख्त परेड) के जरिए गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कर चुके हैं, जो कानूनी प्रक्रिया में एक मजबूत कड़ी साबित होगी।



