डेस्कः बिहार के नालंदा जिले में एनआईए और एटीएस ने सुबह चार बजे से संयुक्त कार्रवाई शुरू की। जब शहर गहरी नींद में सो रहा था उस समय सुरक्षा एजेंसी की टीम बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले में पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। टीम ने एक बंदूक की दुकान और ज्वेलरी दुकान सहित 10 ठिकानों पर एक साथ रेड की। निशाने पर था शहर का चर्चित ‘पीके गन हाउस’ और हथियार तस्करी से जुड़े संदिग्धों के आधा दर्जन ठिकाने। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका दिया है, बल्कि बिहार के अवैध हथियार सिंडिकेट की जड़ों को हिला कर रख दिया है।

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जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी हथियार तस्करी गिरोह के नेटवर्क को खंगालने के लिए की जा रही है। जिले के ‘पीके गन हाउस’ समेत कई ठिकानों पर दबिश दी गई है। दुकान के अंदर रखे गए हथियारों के नंबर और स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।सुबह-सुबह हुई इस बड़ी कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।जांच टीम लहेरी थाना क्षेत्र में रामप्रवेश कुमार के ‘पीके गन हाउस’, चिकसौरा थाना के मिर्जापुर गांव और हिलसा थाना के राममूर्ति नगर में एक साथ छापेमारी कर रही है। इस ऑपरेशन में लगभग 100 पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से स्थानीय थाने को इस छापेमारी की पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी।

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गौरतलब है कि इससे पहले 4 दिसंबर को भी नालंदा में एनआईए (NIA) की छापेमारी हुई थी। उस दौरान बिहार थाना के बारादरी मोहल्ला और भगनबीघा थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई थी। जांच टीम ने बारादरी निवासी मो. परवेज और भगनबीघा के राजेंद्र यादव से इस संबंध में पूछताछ की थी।इससे पहले जून 2025 भी एनआईए ने बड़ी छापेमारी की थी। इस दौरान सोहसराय थाना क्षेत्र के आशा नगर निवासी अभिजीत कुमार के किराये के मकान से 717 कारतूस बरामद हुए थे। वहीं, भगनबीघा थाना अंतर्गत रॉबिन यादव के घर से 117 कारतूस मिले थे। उस समय टीम ने अभिजीत के पिता को गिरफ्तार कर लिया था।

