रांची : बोकारो जिले की राजनीति के केंद्र रहे समरेश सिंह के परिवार में बीजेपी ने सेंधमारी कर दी है। दिवंगत समरेश सिंह की बहु परिंदा सिंह ने गुरूवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के सामने रांची में बीजेपी की सदस्यता ली। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, बोकारो विधायक और सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक विरंची नारायण भी मौजूद थे।
समरेश सिंह झारखंड और बोकारो की राजनीति के एक जाने माने नेता रहे है, एक समय वो बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते थे। एक समय आया जब वो बीजेपी छोड़कर बाबूलाल मरांडी के जेवीएम में शामिल हो गए थे उस समय से बाबूलाल और समरेश सिंह की नजदीकियां बढ़ गई थी। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वो राजनीति से दूर होते चले गए इसी बीच 2019 में समरेश सिंह की राजनीतिक विरासत को बढ़ाने के लिए उनकी तीसरे बेटे की पत्नी श्वेता सिंह ने राजनीति में कदम रखा। श्वेता को कांग्रेस ने बोकारो सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और बहुत ही कम वोटों से वो बीजेपी के विरंची नारायण से चुनाव हार गई।
बाबूलाल मरांडी के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद अभी कुछ दिन पहले ही बाबूलाल समरेश सिंह की पुण्यतिथि में शामिल हुए थे। इसी दौरान वो विधायक विरंची नारायण के साथ सेक्टर-3 स्थित समरेश सिंह के दूसरे बेटे माना सिंह के घर गए, वही माना सिंह की पत्नी परिंदा सिंह से मुलाकात हुई और उनके बीजेपी में शामिल होने की स्क्रीप्ट लिखी गई और गुरूवार को उन्होने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
समरेश सिंह की बहू का बीजेपी में आना विधायक विरंची नारायण के लिए तो राजनीतिक रूप राहत की खबर है ही परिंदा सिंह के लिए भी मेयर पद को पाने की राह आसान बनाता है। परिंदा सिंह भी बोकारो की राजनीति में सक्रिय रही है, उन्होने बोकारो मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हे भोलू पासवान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब मेयर का पद महिलाओं के लिए आरक्षित हो चुका है और परिंदा सिंह बीजेपी के सहारे मेयर पद पाने की मंशा रखती है। इसलिए बीजेपी और समरेश की बहू दोनों का साथ आना एक दूसरे को फायदा देता दिख रहा है।



