पटना: राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के डीजीएम (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
BMSICL के DGM के ठिकानों पर छापेमारी: निगरानी विभाग द्वारा दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या-10/2026) में पंकज कुमार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act, 1988) की धारा 13(1)(b), 13(2) और 12 के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच में पाया गया कि उन्होंने लोक सेवक के पद का दुरुपयोग कर अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।
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96 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति: विभागीय आकलन के अनुसार, करीब 96 लाख 46 हजार 666 रुपये की अवैध संपत्ति बनाई गई है, जो उनकी सेवा अवधि (लगभग 11 वर्ष) के दौरान अवैध तरीकों से प्राप्त हुई है। जांच अधिकारी मानते हैं कि आगे की पड़ताल में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
गुरुवार सुबह एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी: FIR दर्ज होने के बाद विशेष न्यायाधीश (निगरानी), पटना की अदालत से तलाशी वारंट जारी किया गया। इसके आधार पर गुरुवार सुबह SVU की अलग-अलग टीमों ने पंकज कुमार के पटना स्थित आवासीय परिसर और BMSICL कार्यालय में एक साथ छापेमारी शुरू की। टीमों ने दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े कागजात, निवेश रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेन-देन संबंधी अभिलेखों की बारीकी से जांच की। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।
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प्रशासनिक महकमे में हड़कंप: इस छापेमारी की खबर फैलते ही प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े महकमों में हड़कंप मच गया है। BMSICL और स्वास्थ्य विभाग में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। अधिकारी और कर्मचारी इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख के संकेत के रूप में देख रहे हैं। निगरानी विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज की जाएगी, जिसमें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना शामिल है।
निगरानी विभाग का साफ संदेश: निगरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी लिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रख रही है। यह कार्रवाई ऐसे कई मामलों की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जहां स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं पर शिकंजा कसा जा रहा है।







