रांचीःझारखंड लोक सेवा आयोग, झारखंड राज्य कर्मचारी आयोग से संबंधित परीक्षाओं को संचालित कराने वाली कंपनी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) व उसके पदाधिकारियों पर जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने, वसूली, पेपर लीक, ओएमआर सीट में फेरबदल, डिजिटल टैंपरिंग व मनी लांड्रिंग की शिकायत की गई है। यह भी आरोप है कि इस कंपनी ने जो भी परीक्षा संचालित की, उसका मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी जेपीएएसी-जेएसएससी की सभी परीक्षाओं में जालसाजी के माध्यम से पास करता गया। यह शिकायत केंद्रीय जांच एजेंसियां ईडी व सीबीआइ से तो की ही गई है, रांची के नगड़ी थाने में भी शिकायत कर प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया गया है। शिकायतकर्ता रांची के नगड़ी निवासी समाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर शर्मा हैं। उन्होंने अपने आरोपों से संबंधित साक्ष्य भी अपने आवेदन के साथ लगाया है। जिनपर उपरोक्त आरोप लगे हैं, उनमें कंपनी टीडीपीएल के अलावा इस कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, निदेशक सत्यपाल सिंह व रामबीर सिंह तथा अन्य अज्ञात प्रोग्रामर, लोकसेवक आदि शामिल हैं। शिकायत के अनुसार आरोपित कंपनी टीडीपीएल झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में इंपैनल है और यह परीक्षा संचालित कराती है। इस कंपनी पर गंभीर अनियमितता, काम के बदले ऊंचे दर पर भुगतान मांगने आदि के आरोपों पर जेएसएससी ने 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। आरोप है कि ब्लैकलिस्ट करने के बावजूद यह कंपनी जून 2025 से परीक्षाएं संचालित कराती रही, जो जेपीएससी-जेएसएससी के अधिकारियों के बीच संभावित मिलीभगत और भ्रष्टाचार का संकेत देती है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया है।
—————————–
आरोपित पर परीक्षार्थियों से भी वसूली में संलिप्तता का आरोप
टीडीपीएल कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी के विरुद्ध शिकायतकर्ता ने जो साक्ष्य दिया है, उसके अनुसार उसने जेपीएएसी व जेएसएससी की कई परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। उनमें पीजीटीटीसीई-2023 में रॉल नंबर 10309146, जेएसएससी-सीजीएल-2023 में रॉल नंबर 1237696 (रैंक-2), एसीएफ (पीटी) परीक्षा 2024 में रॉल नंबर 24300086, एमआरओ (पीटी) परीक्षा 2024 में रॉल नंबर 24400147 व एफएसओ लिखित परीक्षा 2023 में रॉल नंबर 23180010 परीक्षा शामिल हैं। इसपर यह भी आरोप है कि इसने संगठित परीक्षा सिंडिकेट के लिए बिचौलिए का काम किया और खुद का फ्राड चयन दिखाकर अभ्यर्थियों को लुभाया। चयन का वादा करके अभ्यर्थियों से भी उसने भारी राशि की वसूली की। इसमें पीटी परीक्षा के लिए पांच लाख रुपये, अंतिम रूप से चयन के लिए 25 लाख रुपये, साक्षात्कार, मेंस के लिए 10 से 25 लाख रुपये अग्रिम लिया।
————————
एफआरओ परीक्षा में 350 से ज्यादा ओएमआर सीट में हेराफेरी का आराेप
शिकायतकर्ता ने पेपर लीक, किसी और की नकल, ओएमआर शीट में हेराफेरी, मूल्यांकन सिस्टम में, सर्वर में डिजिटल छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि फारेस्ट रेंज अधिकारी (एफआरओ) की 350 से ज्यादा ओएमआर शीट व असिसटेंट कंजर्वेटर आफ फारेस्ट (एसीएफ) की 150 से ज्यादा शीट में हेराफेरी की गई है। यह भी आरोप है कि आरोपितों ने अभ्यर्थियों से मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, कैंसल किए हुए चेक, हस्ताक्षर किए हुए खाली स्टांप पेपर व हस्ताक्षर की हुई ए-4 शीट एकत्रित की है। ये आरोपित पैसे लेकर एफआरओ और एसीएफ ममेंस के मूल उत्तर स्क्रिप्ट को सुरक्षित जगहों पर बदलकर उन्हें दोबारा लिखवाने, बदलवाने में शामिल हैं।




