झारखंड के शराब घोटाले में पटना की एक कंपनी का नाम सामने आया है। एसीबी जांच में इसका खुलासा हुआ है। इसके बाद से पटना की कंपनी एडीएसईपी मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक (कारोबारी) श्यामजी शरण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसीबी जांच में यह बात सामने आई है कि श्यामजी शरण की कंपनी ने मानव संसाधन प्रदाता कंपनी विजन हॉस्पिटैलिटी के साथ सीक्रेट एमओयू किया था।
श्यामजी शरण ने पांच करोड़ से अधिक की फर्जी बैंक गारंटी दी थी। 13 अक्तूबर 2023 के बाद जब फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई गई, उसके बाद दोनों कंपनियों में कोई संचार तक नहीं हुआ। एसीबी जांच में पाया गया कि विजन हॉस्पिटैलिटी ने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की वैध गारंटी दी थी, बाद में इसे साजिश के तहत नई दिल्ली की पंजाब एंड सिंध बैंक की फर्जी बैंक गारंटी से बदल दिया गया।
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विजन हॉस्पिटैलिटी के निदेशक ने खुलासा किया कि श्यामजी शरण के कहने पर ही बैंक गारंटी बदली गई थी। जिस पंजाब एंड सिंध बैंक के नाम पर 5,35,35,241 रुपये की गारंटी दी गई, उस बैंक ने लिखित में दिया है कि उसने कभी ऐसी कोई गारंटी जारी ही नहीं की।
एसीबी ने स्वयं जाकर बैंक के अधिकारियों का बयान लिया, तब बैंक के लेटरहेड व मुहर तक फर्जी पाए गए। जिस अधिकारी के हस्ताक्षर बैंक गारंटी पर हैं, उस नाम का कोई अधिकारी बैंक में हैं ही नहीं। एसीबी ने शराब घोटाले से जुड़े केस में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के साथ-साथ आईपीसी की कई धाराओं में श्यामजी शरण को भी आरोपी बनाया है।
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