पेरिस: फ्रांस में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। मंगलवार, 3 फरवरी को फ्रांसीसी साइबर अपराध एजेंसियों ने पेरिस स्थित X के दफ्तरों में छापेमारी की। यह कार्रवाई राजनीतिक हस्तक्षेप, यौन डीपफेक और होलोकॉस्ट इनकार जैसे गंभीर आरोपों की जांच के तहत की गई है।
पेरिस पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कार्यालय के अनुसार, यह तलाशी X के एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े संभावित आपराधिक कृत्यों की पड़ताल का हिस्सा है। जांच में यूरोपीय संघ की पुलिस एजेंसी Europol भी सहयोग कर रही है।
यह मामला जनवरी 2025 में शुरू हुई उस जांच का विस्तार है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि X के एल्गोरिदम का इस्तेमाल फ्रांसीसी राजनीति को प्रभावित करने के लिए किया गया। अब जांच के दायरे में X के एआई टूल Grok के जरिए महिलाओं और बच्चों से जुड़े यौन डीपफेक तथा नफरत फैलाने वाली सामग्री के प्रसार के आरोप भी शामिल किए गए हैं।
फ्रांसीसी अभियोजकों ने बताया कि X के मालिक Elon Musk और कंपनी की पूर्व सीईओ लिंडा याकारिनो को 20 अप्रैल 2026 को पेरिस में स्वैच्छिक पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। इसके अलावा, X के कई कर्मचारियों को भी गवाह के तौर पर बुलाया जाएगा।
राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को उस समय बल मिला, जब राष्ट्रपति Emmanuel Macron की पार्टी से जुड़े सांसद ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि 2022 में मस्क द्वारा प्लेटफॉर्म संभालने के बाद कंटेंट और एल्गोरिदम में व्यक्तिगत हस्तक्षेप बढ़ा है।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि यदि पक्षपाती एल्गोरिदम के जरिए स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम को प्रभावित किया गया, तो यह फ्रांसीसी कानून के तहत आपराधिक कृत्य माना जाएगा।




