गुमला : जिले के घाघरा अंचल अंतर्गत आदर पंचायत के सलगी गांव स्थित वन क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में प्रशासन एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई। अंचल अधिकारी घाघरा सुशील खाखा, घाघरा थाना प्रभारी मोहन सिंह तथा फारेस्टर राम शेखर के नेतृत्व में वन क्षेत्र में औचक छापेमारी अभियान चलाया गया।
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छापेमारी के दौरान यह पाया गया कि वन क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 65 डिसमिल भूमि पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। अधिकारियों ने मौके पर ही अवैध खेती की पुष्टि करते हुए पूरी फसल को नष्ट कर दिया। बताया गया कि संबंधित भूमि विधिवत रूप से वन क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां किसी भी प्रकार की खेती या अवैध गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित है। इस कारण जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त कार्रवाई के तहत अफीम की फसल को पूरी तरह डिस्ट्रॉय किया गया, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। अंचल अधिकारी सुशील खाखा ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अवैध अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।
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जांच पूरी होने के उपरांत दोषियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कहा कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी एवं कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।




