अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर ने योगी आदित्यनाथ के समर्थन में दिया इस्तीफा,पत्नी से फोन पर बात करते-करते रो पड़े

अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर ने योगी आदित्यनाथ के समर्थन में दिया इस्तीफा,पत्नी से फोन पर बात करते-करते रो पड़े

डेस्कः उत्तरप्रदेश में अधिकारियों के इस्तीफे का दौर जारी है। मंगलवार को अयोध्या के जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि एक दिन पहले ही बरेली जिले के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने पांच पन्नों का रिजाइन लेटर लिख तुरंत पद छोड़ दिया था। यही नहीं शाम तक उन्होंने अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया था। अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार और यूजीसी को अहम मुद्दा बताया था।

UGC एक्ट और शंकराचार्य के अपमान पर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, सरकार को बताया ब्राह्मण विरोधी
इस्तीफा देने के बाद जब उन्होंने पत्नी को फोन किया तो खुद को संभाल नहीं पाए। बातचीत के दौरान उनकी आवाज भर्रा गई और वे फफक-फफक कर रो पड़े। पत्नी से उन्होंने सिर्फ इतना कहा हां, हैलो… मैंने इस्तीफा दे दिया है। अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा।

See also  नये प्रभारी अविनाश पांडेय की सक्रियता से संगठन के कामकाज में दिखने लगा है बदलाव

 

कोडिन कफ सिरप तस्करी मामले में STF की बड़ी कार्रवाईः फरार शुभम जायसवाल का करीबी विकास सिंह नर्वे भारत-नेपाल बॉडर से गिरफ्तार
जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए
प्रशांत कुमार सिंह ने पत्नी से बातचीत में कहा कि वे दो रात से ठीक से सो नहीं पाए थे। मन बेहद व्यथित था। उन्होंने कहा, जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए। मैं उसी प्रदेश से वेतन लेता हूं, उसी सरकार के तहत काम करता हूं। अगर उसी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक बातें हों और मैं चुप रहूं, तो यह मेरे लिए संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी दो बेटियां हैं और वे चाहते हैं कि बच्चे यह देखें कि उनका पिता सही और गलत के बीच खड़ा होने से नहीं डरा। यह फैसला किसी आवेग में नहीं, बल्कि लंबे आत्ममंथन के बाद लिया गया है।
भोले-भाले अधिकारियों को सरकार के खिलाफ खड़ा कर रहे
प्रशांत कुमार सिंह ने आगे लिखा कि, “शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद द्वारा लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध अनर्गल बात की जा रही है, जिसे मैं राष्ट्र, संविधान व लोकतंत्र के विरुद्ध मानता हूं। अतः ऐसी स्थिति में सरकार के पक्ष में और अभिमुक्तेश्वरानंद के विरोध में मैं अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। अभिमुक्तेश्वरानंद द्वारा भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध खड़ा किया जा रहा है, जो निश्चित रूप से भारत के संविधान, भारत के लोकतंत्र के विरुद्ध एक साजिश है।”

‘कच्चा बादाम’ फेम अंजली अरोड़ा के ब्वायफ्रेंड को पुलिस ने किया अरेस्ट, कार पर लगा था पूर्व सांसद का फर्जी पास
समाज में जातिवाद का जहर घोल रहे शंकराचार्य
विगत कई दिनों से अभिमुक्तेश्वरानंद द्वारा समाज में जातिवाद का जहर घोला जा रहा है और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा कि, “मैं एक सरकारी सेवक के साथ-साथ एक संवेदनशील व्यक्ति भी हूं। राष्ट्र, संविधान, राज्य, लोकतंत्र, लोकतांत्रिक पद्धति से चुने हुए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के विरुद्ध कोई अपमानजनक टिप्पणी होगी तो मन अवश्य आहत होगा। एक राष्ट्र प्रेमी, राज्यप्रेमी व संविधान प्रेमी के अंदर यह भावना होनी ही चाहिए।”

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now