रांचीः पुलिस ने 61 दिनों से लापता 12 साल के कन्हैया कुमार को कोडरमा से सुरक्षित बरामद कर बड़ी राहत दी है। कन्हैया बीते साल 22 नवंबर की शाम ओरमांझी थाना क्षेत्र से लापता हुआ था। करीब 61 दिनों तक चले सघन अभियान के बाद रांची पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। कन्हैया को कोडरमा के चंदवारा इलाके से बरामद किया गया है। कन्हैया की सुरक्षित बरामदगी से जहां उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पुलिस को उम्मीद है कि इस केस से जुड़े मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की परतें भी खुलेंगी।
अंश-अंशिका को बंगाल में 5-5 लाख में था बेचना, गुलगुलिया गिरोह के खिलाफ कसा शिकंजा, रांची के कन्हैया की तलाश तेज
ओरमांझी से लापता हुआ था कन्हैया, कोडरमा में मिली सफलता
कन्हैया कुमार ओरमांझी के शंकर घाट, सिलदिरी का रहने वाला है और 12 साल का है। वह बीते दो महीनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था। लगातार कई जिलों और राज्यों में छापेमारी के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। अब कोडरमा से उसकी सकुशल बरामदगी के बाद रांची पुलिस की टीम ने राहत महसूस की है।
61 दिन बाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद रांची के एसएसपी राकेश रंजन कर रहे थे। उन्हीं के निर्देशन में गठित एसआईटी और स्थानीय थाना पुलिस लगातार अभियान चला रही थी। 61 दिनों की कड़ी मेहनत, तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर की जांच के बाद आखिरकार कन्हैया तक पहुंचने में पुलिस सफल हुई।
चदंवारा से बरामद हुआ कन्हैया कुमार
कोडरमा के चंदवारा इलाके से कन्हैया कुमार को सकुशल बरामद किया गया है। चंदवारा के थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया गया था। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने इस बात को कन्फर्म किया है।
गजब! बेचते थे बच्चों के अंग, कराते थे देह व्यापार; रांची पुलिस का सनसनीखेज खुलासा
कई राज्यों में फैला है जांच का दायरा
कन्हैया के लापता होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रखा। रांची के सिल्ली थाना क्षेत्र के टूटकी गांव, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, पलामू के अलावा बिहार के औरंगाबाद, राजस्थान के जयपुर, महाराष्ट्र के मुंबई, पश्चिम बंगाल और दिल्ली तक संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस को शक है कि इस मामले के तार अंतरराज्यीय मानव तस्कर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
यूपी के मिर्जापुर गिरोह से जुड़ते दिखे तार
जांच में सामने आया है कि यूपी के मिर्जापुर मानव तस्कर गैंग का कनेक्शन कन्हैया के मामले में भी जुड़ता नजर आ रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी गिरोह का नाम धुर्वा से गायब हुए अंश-अंशिका मामले में भी सामने आया था।उस केस में हुई गिरफ्तारी और पूछताछ के आधार पर पुलिस को कन्हैया के बारे में भी अहम सुराग मिले, जिसके बाद जांच की दिशा और तेज की गई।
सिल्ली और रामगढ़ में कई लोगों से पूछताछ
कन्हैया की तलाश के दौरान सिल्ली थाना क्षेत्र के टूटकी गांव से पांच-छह गुलगुलिया परिवार के लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके अलावा रामगढ़ इलाके में भी कई संदिग्धों से पूछताछ हुई। पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध है, जो तस्करों के लिए संपर्क सूत्र का काम कर रहे थे।
गैंग का भंडाफोड़ः रांची में बच्चों का अपहरण कर मंगवाते थे भीख, बिहार से बंगाल तक फैला है नेटवर्क
अंश-अंशिका केस से भी जुड़ रहा है लिंक
रांची पुलिस की एसआईटी को सूचना मिली थी कि अंश-अंशिका मामले में गिरफ्तार बिहार के औरंगाबाद निवासी नभ खेरवार और रामगढ़ निवासी उसकी पत्नी सोनी कुमार से जुड़े लोग सिल्ली और रामगढ़ क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसी इनपुट के आधार पर कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस का मानना है कि इन मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क काम कर रहा है, जो बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करता है।
ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे एसआईटी का नेतृत्व
इस पूरे अभियान का नेतृत्व रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे हैं। उनकी टीम में सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह, कई डीएसपी और विभिन्न थानों के प्रभारी शामिल हैं। एसआईटी लगातार सूचनाओं का सत्यापन कर रही थी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही थी।
बच्चा चोर गिरोह के चंगुल से 12 बच्चे बरामद, रांची पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी




