चाईबासाः झारखंड और ओडिशा की सीमा पर आतंक का पर्याय बन चुका दंतैल हाथी एक बार फिर पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव प्रखंड में देखा गया है। मझगांव के हल्दिया स्थित बंदासाई और तिलोकुटी क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले 15 दिनों में 20 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले इस हाथी को खदेड़ने के लिए वन विभाग की टीम युद्ध स्तर पर जुटी हुई है।
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ग्रामीणों में दहशत
मझगांव क्षेत्र में हाथी के अचानक पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने जैसे ही हाथी को देखा तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने मशाल जलाकर और पटाखों के जरिए हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है।
हाथी का मिला लोकेशन
उल्लेखनीय है कि यह दंतैल हाथी आखिरी बार खड़पोस पंचायत के बेनीसागर में देखा गया था। जिसके बाद वह आउट ऑफ ट्रैक हो गया था। कुछ समय के लिए इसके ओडिशा सीमा में प्रवेश की खबरें आई थीं, लेकिन लोकेशन स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। अब दोबारा मझगांव इलाके में हाथी की सक्रियता ने वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल यह हाथी झारखंड-ओडिशा बॉर्डर पर डेरा जमाए हुए है।
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चार राज्यों की टीमें चला रही साझा अभियान
हाथी के बढ़ते खतरे को देखते हुए वर्तमान में झारखंड और ओडिशा वन विभाग की टीमें मिलकर साझा अभियान चला रही हैं। ओडिशा, झारखंड के साथ-साथ असम और गुजरात से आए वन्यजीव विशेषज्ञों की टीमें हाथी को ट्रैंकुलाइज (बेहोश) करने की योजना पर काम कर रही हैं। हाथी का सटीक लोकेशन जानने के लिए ड्रोन और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है।



