JPSC कार्यालय में CID और रांची पुलिस की छापेमारी,PT परीक्षा रिजल्ट में गड़बड़ी की शिकायतों पर एक्शन

Picture of Live Dainik

Live Dainik

July 21, 2026

JPSC ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को स्थगित किया, 25 से 27 जुलाई के बीच होना था एग्जाम

रांचीः 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की राज्य सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को बड़ा एक्शन देखने को मिला है। सीआईडी (CID) और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए जेपीएससी कार्यालय में दबिश दी। पुलिस और सीआईडी की टीम ने आयोग के संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल की।फिलहाल आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि देर रात या बुधवार तक इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


रिजल्ट जारी होने के बाद से ही गहराया था विवाद
गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से ही आयोग की पारदर्शिता और मंशा पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। अभ्यर्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों का आरोप था कि परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। परिणाम आने के तुरंत बाद से ही पूरे राज्य में छात्र संगठनों का उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। छात्रों के भारी दबाव और मिली औपचारिक शिकायतों के आधार पर पुलिस और सीआईडी ने यह बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एजेंसी से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।साथ ही जांच टीम ने एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कागजात बरामद किए हैं। बरामद सामान को जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है।

See also  DAV गांधीनगर के स्पोर्टस टीचर ने असफल स्टूडेंट्स को बेरहमी से पीटा, परिजनों ने थाने में दर्ज की शिकायत

एजेंसी का मार्केटिंग मैनेजर ही बनता रहा परीक्षाओं का टॉपर
मुख्यमंत्री को शिकायत मिली थी कि परीक्षा संचालित करने वाली कंपनी ‘टीडीपीएल’ का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी जालसाजी के जरिए जेपीएससी और जेएसएससी की हर परीक्षा में पास होता रहा। इतना ही नहीं, वह परीक्षाओं की रैंक में ‘टॉप 10’ में शामिल रहता था। कंपनी और जेपीएससी के अधिकारियों पर आपराधिक साजिश, अवैध वसूली, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेरफेर, डिजिटल छेड़छाड़ और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रांची के नगड़ी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर शर्मा ने भी इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपों के घेरे में टीडीपीएल कंपनी, इसके मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी, निदेशक सत्यपाल सिंह, रामबीर सिंह और अन्य अज्ञात प्रोग्रामर तथा लोकसेवक शामिल हैं।
JSSC से ब्लैकलिस्टेड थी कंपनी, फिर भी JPSC में कराती रही परीक्षा
शिकायत के अनुसार, आरोपी कंपनी टीडीपीएल को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने काम के बदले मनमानी रकम मांगने और गंभीर अनियमितताओं के कारण 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद कंपनी जून 2025 से जेपीएससी की परीक्षाएं आयोजित कराती रही। ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी मिलना जेपीएससी और जेएसएससी के अधिकारियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। सीआईडी अब इस पूरे सांठगांठ के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।

See also  Operation Sindoor Live Updates: हमले में मारा गया आतंकी मसूद अजहर का पूरा परिवार,जैश प्रमुख बोला-'मैं भी मर जाता'
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now