जमशेदपुर । क्या AI यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नौकरियों पर खतरा है ये सवाल हर उस युवा के जेहन में है जो नौकरियों की तलाश में है या फिर नौकरी कर रहे हैं । दुनिया भर में AI और नौकरियों पर संकट को लेकर बहस चल रही है । मगर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने भरोसा दिया है कि ये डर उसी तरह का है जिस तरह का डर कंप्यूटर क्रांति के दौरान जताया जा रहा था । जमशेदपुर में सेंटर फार एक्सिलेंस में चार दिवसीय आर्ट इन इंडस्ट्री के समापन के दौरान पत्रकारों के सवालों पर टीवी नरेंद्रन ने ये बातें कहीं । उन्होंने कहा कि
तीन दशक पहले जब कंम्प्यूटर आए थे तब भी लोगों ने यही कहा था कि नौकरी के अवसर कम होंगे, छटनी होगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बल्कि प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी बढ़ी । अभी एआइ पर भी यहीं कहा जा रहा है लेकिन टाटा स्टील शुरू से ही चुनौतियों को अवसर में बदलती है। उन्होंने कहा कि अभी भी हम AI की मदद से उत्पादन बढ़ाने में कर रहे हैं। हमारे पास कई ऐसे डाटा थे जिसका उपयोग नहीं होता है अब उसकी समीक्षा कर एआइ की मदद से उसका पूरा इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे हमारी दक्षता व उत्पादकता, दोनों बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने अपने कुछ कंट्रोल रूम को प्रोडक्शन यूनिट से बाहर लाकर उसे एआइ की मदद से ही कंट्रोल कर रहे हैं। इससे सेफ्टी भी बेहतर हुई और हम बेहतर तरीके से काम कर पा रहे हैं । टीवी नरेंद्रन ने बताया कि टाटा एक वैश्विक कंपनी है और बाज़ार में बने रहने के लिए लगातार प्रयास होते रहने चाहिए ।



