अखबारों पर क्यों फूटा बांग्लादेशी भीड़ का गुस्सा? मरते-मरते बचे 25 पत्रकार, 4 घंटे बाद रेस्क्यू

Why did the Bangladeshi mob unleash its anger on newspapers? 25 journalists narrowly escaped death, rescued after four hours

डेस्कः बांग्लादेश की राजधानी ढाका में गुरुवार देर रात भयानक हिंसा भड़क उठी। 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत की खबर आने के बाद भीड़ ने कई जगह आगजनी की। हादी की मौत के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने देश के दो प्रमुख अखबारों- प्रथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला किया।

अंग्रेजी अखबार द डेली स्टार के कार्यालय पर भीड़ के हमले के बाद करीब चार घंटे तक अंदर फंसे रहे कम से कम 25 पत्रकारों को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, गुस्साई भीड़ ने शुक्रवार आधी रात करीब 12 बजे द डेली स्टार के कार्यालय पर धावा बोला। इससे पहले भीड़ ने बंगाली भाषा के प्रमुख दैनिक प्रथोम आलो के कार्यालय को निशाना बनाया था। नारेबाजी करते हुए पहुंची भीड़ ने पहले प्रथोम आलो के दफ्तर में तोड़फोड़ की और फिर उसे आग के हवाले कर दिया।

जीतन राम मांझी ने DM से सेटिंग कर हम प्रत्याशी को जिताया था! केंद्रीय मंत्री के बयान से मची खलबली

द डेली स्टार के दफ्तर में हमलावरों ने पहले ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल में भारी तोड़फोड़ की। इसके बाद करीब 12:30 बजे आग लगा दी गई। आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते दो मंजिलें इसकी चपेट में आ गईं। आग से उठते घने धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। अखबार के पत्रकारों ने बीडी न्यूज को बताया कि दमकल विभाग की गाड़ियां काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंच सकीं, क्योंकि भीड़ ने रास्ता रोक रखा था।

See also  न्यू चुरूवाला का पनीर जांच में फेल, राज स्वीट्स को बिना लेबल उत्पाद का नोटिस, रांची में फेस्टिव ड्राइव के तहत निरीक्षण में सच आया सामने

आग और धुएं के बीच फंसे पत्रकारों ने जान बचाने के लिए पूरी रात छत पर शरण ली। वे फोन कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मदद की गुहार लगाते रहे। द डेली स्टार की रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने अंदर से संदेश भेजते हुए लिखा- मैं अब सांस नहीं ले पा रही हूं। बहुत ज्यादा धुआं है। मैं अंदर फंसी हूं। आप मुझे मार रहे हैं। करीब 2 बजे दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में सफल हुए। हालांकि, आग बुझने के बाद भी पत्रकारों को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका, क्योंकि भीड़ ने दोबारा इमारत में घुसपैठ कर दी।

केवाईसी कराने पहुंचा था शख्स, बैंक मैनेजर ने चेक किया खाता, तो दोनों को आने लगे चक्कर

स्थिति बेकाबू होते देख सेना को द डेली स्टार भवन के सामने तैनात किया गया। सुबह करीब 4 बजे सैनिकों की निगरानी में पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान न्यू एज अख़बार के संपादक नुरुल कबीर भी मौजूद थे, जो भीड़ से बातचीत करने पहुंचे थे, लेकिन उन पर भी हमला किया गया।

See also  रांची नगर निगम ने जारी की 500 बड़े टैक्स बकाएदारों की लिस्ट, सबसे ज्यादा किस पर बकाया

प्रदर्शनकारियों ने इन अखबारों पर भारत-समर्थक और शेख हसीना के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया। हसीना 2024 के छात्र आंदोलन के बाद भारत में शरण लिए हुए हैं। हादी खुद भारत और हसीना के कट्टर आलोचक थे और आगामी चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने वाले थे।

यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देशवासियों से शांति और संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि नागरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखें और जांच एजेंसियों को पेशेवर तरीके से काम करने दें।

बिहार में डॉक्टर किडनैपिंग केस में पुलिस का एक्शन, छपरा में दो बदमाशों को दौड़ाकर मारी गोली

देश को संबोधित करते हुए यूनुस ने कहा कि मैं देश के सभी नागरिकों से ईमानदारी से अपील करता हूं- धैर्य और संयम बनाए रखें। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और संबंधित संस्थानों को पेशेवर तरीके से जांच करने दें। राज्य कानून के शासन की स्थापना और लोकतांत्रिक प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फिलहाल, ढाका में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और मीडिया संगठनों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की जा रही है।

See also  कौन बनेगा देश का अगला उपराष्ट्रपति? रेस में शामिल हुए 2 नए नाम, जल्द होगा ऐलान

शरीफ उस्मान हादी पर 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारी थी। वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। गुरुवार शाम उनकी मौत की खबर फैलते ही हजारों प्रदर्शनकारी शाहबाग चौराहे पर जमा हो गए।

प्रदर्शनकारियों ने हादी के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की और भारत-विरोधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना-विरोधी नारे लगाए। हिंसा तब बढ़ गई जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह करवान बाजार पहुंचा, जहां प्रथम आलो (बंगाली भाषा का प्रमुख दैनिक) और डेली स्टार (अंग्रेजी भाषा का प्रमुख दैनिक) के दफ्तर स्थित हैं।

नीतीश कुमार के खिलाफ रांची में शिकायत, नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान महिला डॉक्टर का खींचा था हिजाब

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now