पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के एक बयान से खलबली मच गई है। मांझी ने खुले मंच से 2025 विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी हम के प्रत्याशी के हार पर अफसोस जताया और बताया कि कैसे उस प्रत्याशी को उन्होंने डीएम से सेटिंग कर 2020 के विधानसभा चुनाव में जीत दिलवाया था। उनके इस बयान के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी ने चुनाव आयोग के साथ साथ अधिकारी और सरकार पर हमला बोला है।
नीतीश कुमार के खिलाफ रांची में शिकायत, नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान महिला डॉक्टर का खींचा था हिजाब
2025 के विधानसभा चुनाव में हम पार्टी ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इन 6 सीटों में से 5 पर उसकी जीत हुई थी और एक टेकारी की सीट वो हार गए थे। टिकारी सीट पर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रत्याशी 2058 वोट से चुनाव हार गए थे। 2020 के चुनाव में टिकारी सीट से ही री-काउंटिंग में अनिल कुमार 2630 वोट से जीते थे। अनिल कुमार के टिकारी से चुनाव हारने को लेकर पिछले दिनों जीतन राम मांझी ने एक अजीबोगरीब दावा किया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
ये भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा हम पार्टी के संरक्षक श्री जीतन राम मांझी जी है जो ठगेश कुमार जैसे पिद्दी पालतू आयुक्त के मुँह पर करारा तमाचा जड़ डंके की चोट पर खुले मंच से चुनाव नतीजों में हेरा-फेरी, मशीनरी और धांधली से चुनाव जितने का शाही… pic.twitter.com/FSPyQgeBWB
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) December 18, 2025
बिहार में डॉक्टर किडनैपिंग केस में पुलिस का एक्शन, छपरा में दो बदमाशों को दौड़ाकर मारी गोली
गयाजी के एक कार्यक्रम में जीतन राम मांझी ने 2020 विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार की जीत को लेकर दावा किया कि काउंटिंग के दौरान जब अनिल कुमार चुनाव हार रहे थे तो उन्होंने मांझी से संपर्क साधा था और चुनाव जीतने में मदद मांगी थी। जीतन राम मांझी ने कहा, ‘इस बार एक सीट हम लोग गलती से हार गए। अगर वह मुझसे कहे होते, जैसा उन्होंने 2020 में कहा था कि जब वह चुनाव हार रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि क्या कोई उपाय है तो मैंने उसे वक्त प्रयास किया था और वह चुनाव जीत गए थे।’
‘मेरा प्रत्याशी तो घर चला गया था’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा हिजाब विवाद के बाद बढ़ाई गई, सोशल मीडिया पर मिल रही थीं धमकी
मांझी ने कहा, ‘उस वक्त वह 2700 वोटों से हार रहे थे। इस बार वह केवल 1600 वोटों से हार रहे थे। मेरा दुर्भाग्य है, पता नहीं उनके दिमाग में क्या था। उन्होंने मुझसे बात भी नहीं की और मैदान छोड़कर भाग गए। 2020 में अभिषेक सिंह गयाजी के डीएम थे। इस वक्त वह त्रिपुरा में पोस्टेड हैं। उन्होंने मुझसे फोन करके बात की और कहा कि आप 2700 वोटों से पीछे थे। हम आपको जिता दिए. लेकिन इस बार आप केवल 1600 वोटों से पीछे थे तो क्या दिक्कत थी? मैंने अपना माथा ठोक लिया। मेरा प्रत्याशी तो घर चला गया था।’




