पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के फैसले पर ढोल-नगाड़े की आवाज से गूंजा झारखंड मंत्रालय

सीएम के स्वागत के लिए कैसे उमड़ा कर्मचारियों का सैलाब
रांची। झारखंड में सियासी उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अपने वायदे के अनुरूप राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का फैसला लिया।
राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गयी। अब 1 सितंबर 2022 से राज्य कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा इस प्रस्ताव को पारित किये जाने की जानकारी मिली, चेंबर से बाहर निकलते ही सीएम हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करने वालों की लंबी कतार लग गयी। इस दौरान झारखंड मंत्रालय में जमकर होली भी खेली गयी। वहीं ढोल-नगाड़े की आवाज से पूरा मंत्रालय परिसर गूंज उठा।
झारखंड मंत्रालय में ऐसी तस्वीर पहली बार देखने को मिली। सरकारी कर्मचारी संघ्ध के सदस्यों ने सीएम हेमंत सोरेन और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया। वहीं एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाईयां दी गयी। खुशी में मिठाईयां बांटी गयी। राज्य सरकार के फैसले से सभी कर्मचारी खुश नजर आये।
गौरतलब है कि जिस तरह से झारखंड में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल है, उसे देख कर आने वाले समय में बड़े उलटफेर की भी संभावना जतायी जा रही है। राज्य सरकार की ओर से आगामी 5 सितंबर को एकदिवसीय विशेष सत्र भी आहूत करने का फैसला लिया है। इस कैबिनेट की बैठक को लेकर रायपुर गये कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों को भी चार्टेड प्लेन से रांची बुलाया गया था। यूपीए में शामिल कांग्रेस और जेएमएम दोनों की ओर से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वायदा किया गया था और इस वायदे को पूरा करने का काम किया गया है।

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