रांचीः कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की ओर से क्लैट 2026 का रिजल्ट मंगलवार को जारी किया गया। इस परीक्षा में झारखंड के स्टूडेंटस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। क्लैट यूजी के टॉप 1000 में रांची का एक अभ्यर्थी शामिल है। वहीं क्लैट पीजी के टॉप 100 में दो अभ्यर्थी शामिल है। क्लैट यूजी में रांची के शैर्य प्रताप शाहदेव ने ऑल इंडिया रैंक 22 प्राप्त किया है। शौर्य ने कुल 108 अंक प्राप्त किये हैं। इसके साथ ही वह राज्य में टॉपर बने हैं।
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रांची के अपूर्व राज ने एआईआर 321 तथा संचारी मुखर्जी ने एआईआर रैंक 365 पाये है। झारखंड के कई अन्य स्टूडेंट्स ने क्लैट की परीक्षा में सफलता पायी है। बताते चलें कि झारखंड के पांच परीक्षा केंद्रों में क्लैट यूजी की परीक्षा ली गयी थीं। जिसमें लगभग 2000 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। हर साल पूरे देश में हजारों विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होते हैं।
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अपनी सफलता पर बातचीत के दौरान शौर्य प्रताप शाहदेव ने बताया कि उन्होंने नियमित और अनुशासित पढ़ाई को अपनी तैयारी का आधार बनाया। वे प्रतिदिन लगभग तीन घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे और पढ़ाई के दौरान गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिया. शौर्य का मानना है कि मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी नहीं है, बल्कि उसका संयमित और सही उपयोग सीखना आवश्यक है।यदि छात्र खुद पर नियंत्रण रखें और तकनीक का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो यह पढ़ाई में सहायक साबित हो सकती है।
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शौर्य ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही यह तय कर लिया था कि उन्हें कानून के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उन्होंने अपनी तैयारी की रणनीति बनाई। उन्होंने बताया कि निरंतर अभ्यास, मॉक टेस्ट और आत्ममूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
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इस मौके पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि शौर्य प्रताप शाहदेव के दादा स्वर्गीय जस्टिस एलपीएन शाहदेव झारखंड उच्च न्यायालय के पहले न्यायाधीश रहे हैं। शौर्य ने बताया कि उन्हें अपने दादा के व्यक्तित्व, न्यायप्रियता और सेवा भाव से गहरी प्रेरणा मिली है। वे अपने दादा के नक्शे कदम पर चलते हुए न्याय और कानून के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं। शौर्य का कहना है कि परिवार में कानून की विरासत ने उन्हें इस राह को चुनने के लिए प्रेरित किया।शौर्य की इस उपलब्धि पर उनके परिवार में गर्व का माहौल है।शौर्य के पिता प्रतुल शाहदेव बीजेपी के तेजतर्रार प्रवक्ता है। पिता ने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार लगन के कारण ही उनके बेटे ने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। शौर्य ने अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी और समर्पण के साथ मेहनत की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।



