रांचीः पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के बिल्डर अनुपम कुमार से पांच करोड़ की रंगदारी मांगनेवाले और हत्या की धमकी देनेवोल गिरोह का पटना पुलिस ने खुलासा किया है। रंगदारी कॉल करने में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर के आधार पर पटना पुलिस ने शुभम राजन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया हे। उसे पुलिस रांची से पटना लेकर पहुंची। आरोपी शुभम झारखंड खेल प्राधिकरण में क्लर्क के रूप में काम करता है।
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शुभम राजन मूल रूप से कटिहार के मनिहारी जिले का रहने वाला है। फिलहाल रांची के खेलगांव परिसर में रहता है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि दो दिन पहले अनुपम कुमार के मोबाइल से ही बिल्डर से रंगदारी मांगी गई थी। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। उन्होंने बताया कि दूसरा आरोपी फरार है।पुलिस के मुताबिक इस घटना का मास्टमाइंड पटना पुलिस का बर्खास्त सिपाही लाली सिंह उर्फ वेद निधि है। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन में भी वह पदाधिकारी रह चुका है। इन दिनों लाली रांची में रह रहा है। इसी बीच उसकी दोस्ती शुभम से हुई। दो दिन पहले उसने शुभम से अपना मोबाइल रिचार्ज न होने की बात कहकर मोबाइल मांगा और उससे रंगदारी के लिए फोन किया। लाली सिंह के खिलाफ कई संगीन मुकदमें दर्ज है।
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रंगदारी का पूरा मामला
रंगदारी जेनएक्स इंफ्रा होम्स प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर अनुपम कुमार से मांगी गई। वहीं इस संबंध में बिल्डर अनुपम कुमार ने रूपसपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई। प्राथमिकी में कहा है कि उनसे लाली सिंह उर्फ वेद निधि नाम के अपराधी ने 5 करोड़ रूपये रंगदारी की मांग की है। वहीं रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। बिल्डर ने बताया कि पहले लाली सिंह ने उसे कॉल किया और फोन पर उनसे पूछा कि क्या वे विवेक उर्फ छोटू से रूपसपुर नहर के पास जमीन खरीद रहे हैं। उन्होंने बता दिया कि वे विवेक से जमीन खरीद रहे हैं। लाली सिंह ने उनसे साथ ही पांच करोड़ की रंगदारी की मांग कर दी। उसने कहा कि अगर रंगदारी नहीं दी तो जैसे दानापुर में दीपक मेहता को मारा था उसी तरह तुम्हारी और विवेक दोनों की हत्या कर देंगे।फोन करने वाले ने कथित तौर पर यह भी कहा कि इसे महज धमकी मत समझिए। चाहें तो मेरा आपराधिक इतिहास देख लीजिए। जब बिल्डर ने पुलिस को सूचना देने की चेतावनी दी, तो फोन करने वाले ने कथित तौर पर जवाब दिया, “मैं खुद एक पुलिस अधिकारी हूं।” इसके बाद उसने या तो 5 करोड़ रुपए या जमीन का आधा हिस्सा अपने नाम पर दर्ज करने की मांग की और मांग पूरी न होने पर दो दिन के अंदर मारने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद बिल्डर अनुपम कुमार ने 6 दिसंबर को थाने में मामला दर्ज करवाया।




