Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सूचना के माध्यम से मेडिकल में फर्जी प्रमाणपत्र से नामांकन का मामला उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) द्वारा काउंसिलिंग में नेशनल मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी की गाइडलाइन का उल्लंघन कर काउंसिलिंग में घपला किया जा रहा है। इससे फर्जी प्रमाणपत्र पर अभ्यर्थी नामांकन ले रहे हैं। काफी मेहनत करनेवाले अभ्यर्थी का नामांकन नहीं हो रहा।
उन्होंने इसे अति गंभीर विषय बताते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जेसीईसीईबी द्वारा नेशनल मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी की गाइडलाइन के तहत एनटीए की वेबसाइट को लिंक नहीं किया जा रहा है। इसमें बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत है।
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उन्होंने बोर्ड के वर्तमान पदाधिकारियों को अविलंब हटाने तथा काउंसिलिंग रद कर नए सिरे से काउंसिलिंग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाती है तथा इसके परिणाम के आधार पर काउंसिलिंग होती है। फिर एनटीए को काउंसिलिंग से क्यों नहीं लिंक नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि सरकार इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई नहीं करेगी तो विपक्ष को सदन में हंगामा करना पड़ेगा, क्योंकि उसके पास कोई रास्ता नहीं है।
उन्होंने धान के समर्थन मूल्य का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष ने सोमवार को सदन में हंगामा किया। उसका परिणाम इतना ही हुआ कि 3,200 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय करने की जगह मात्र 2,450 रुपये निर्धारित किया गया।
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