डेस्कः बिहार के नवादा जिले में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। नवादा के अकबरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आये एक मामले ने सबको हैरान कर दिया है। यहां मां का शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। लाचार बेटे ने इसको लेकर गुहार लगाई। अस्पताल में मौजूद लोगों के हाथ-पैर जोड़े, गिरगिराया और मदद की गुहार लगाई। फिर भी मदद नहीं दी गई।
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बाद में स्ट्रेचर मांगा, काफी मिन्नत के बाद स्ट्रेचर दिया गया, लेकिन उसके लिए एक शर्त रख दी। स्ट्रेचर के बदले पत्नी और बेटे को अस्ताल में गिरवी रख लिया। परिजनों ने बताया कि मां के शव को स्ट्रेचर पर घसीटते हुए घर ले जाया गया। जब स्ट्रेचर को अस्पताल में लौटाया गया, तब जाकर पत्नी और बेटे को छोड़ा गया। इस मामले पर सिविल सर्जन विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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बताया जा रहा है कि रविवार रात को रामचंद्र साव की पत्नी केसरी देवी की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उनके बेटे नंदू साव और राजेश साव उन्हें अस्पताल लेकर आए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए परिजनों को बहुत जद्दोजद करनी पड़ी और उनके साथ ऐसा हुआ कि जो मानवता को शर्मसार करता है।




