यूपी में भ्रष्टाचार के रैकेट का खुलासा, एआरटीओ और पीटीओ समेत 8 के खिलाफ FIR, 2 गिरफ्तार

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लखनऊः यूपी एसटीएफ और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ओवरलोडिंग के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। एआरटीओ और पीटीओ समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। एसटीएफ को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि यूपी में परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहन रिश्वत देकर मौरंग और मिट्टी लेकर सीमा पार कर रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है।

एसटीएफ ने मामले में एआरटीओ (लखनऊ) उत्तर कमिश्नरेट राजू बंसल, पीटीओ मनोज भारद्वाज, दलाल अभिनव पांडेय, रितेश पांडेय, चालक कपिल, विनोद यादव, दीवान अनुज, दीवान गिरिजेश और सुनील सचान के खिलाफ मड़ियाव थाना में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।

एसटीएफ ने अब तक बोधेपुर छाजन, जनपद सीतापुर निवासी दलाल अभिनव और कानपुर नगर निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच मोबाइल, दो रजिस्टर, आधार कार्ड, एक कार और एक डंपर जब्त किया है।

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एसटीएफ को सूचना मिली कि दलाल अभिनव पांडेय ओवरलोड वाहनों को पास कराने का काम करता है और खदरी से सीतापुर की ओर जाने वाला है। एसटीएफ ने उसे भिटौली ओवरब्रिज के पास दबोच लिया। पूछताछ में अभिनव ने बताया कि उसका भाई रितेश और सानू, आरटीओ व पीटीओ अधिकारियों की मिलीभगत से ओवरलोड ट्रकों को पास करवाते हैं तथा इसके एवज में प्रति वाहन तय रकम वसूली जाती है। उसके अनुसार वह प्रति वाहन 5,500 से 8,000 रुपये लेकर ट्रकों को बिना रोक-टोक आगे बढ़ने देता था।

अभिनव पांडेय की निशानदेही पर एसटीएफ टीम आईआईएम तिराहे पर पहुंची और सीतापुर की ओर से आने वाला ओवरलोड मौरंग से भरा एक डंपर पकड़ा गया। चालक कपिल ने बताया कि आरटीओ कार्यालय की ‘फीस’ अभिनव पांडेय के माध्यम से पहले ही दे दी गई थी, इसलिए कोई अधिकारी उसे नहीं रोकेगा।

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पकड़े गए डंपर का वजन तौलने पर 66,340 किलो (66.34 टन) पाया गया, जबकि विभागीय अनुमति इससे काफी कम है। अभिनव पांडेय की कार से 2011 की एक पुरानी डायरी और नोटबुक मिली, जिसमें ओवरलोड वाहनों से वसूली गई धनराशि का विस्तृत विवरण दर्ज था। उसके मोबाइल में 122 सदस्यों वाला एक व्हाट्सऐप ग्रुप मिला, जिसमें लोकेशन क्लियरेंस और निर्बाध परिवहन से संबंधित संदेश एवं ऑडियो मिले।

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