डेस्कः बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे है। कुछ जगहों से छिपपुट हिंसा और विवाद का मामला सामने आया है। सारण जिला के माझी विधानसभा क्षेत्र के जैतपुर गांव स्थित बूथ संख्या 41 42 43 44 पर मांझी विधानसभा क्षेत्र के मार्क्सवादीं कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्यशी एवं निवर्तमान विधायक डॉ. सत्येंद्र यादव के साथ कुछ लोगों ने मारपीट किया और उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी साहित अन्य पुलिस मौके पर पहुंचे हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल पर सारण के पुलिस कप्तान डॉ. कुमार आशीष भी पहुंचे हुए हैं। इस मामले में दाउदपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
Bihar Chunav LIVE: बिहार में 121 सीटों के लिए वोटिंग जारी, तेजस्वी-तेजप्रताप,सम्राट चौधरी, अनंत सिंह और मैथिली ठाकुर के भाग्य का फैसला होगा ईवीएम में बंद
वहीं प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के दरभंगा प्रत्याशी आरके मिश्रा धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि, आज सुबह हसन चौक पर कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की।जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी आरके मिश्रा ने कहा कि, उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस थाने में जाकर की, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे नाराज मिश्रा ने नगर थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि, उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले बीजेपी के समर्थक हैं।मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि, वे भाजपाई गुंडागर्दी के आगे झुकने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि, यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं है। यह बाहरी गुंडों के विरुद्ध और मिथिला के आत्मसम्मान की लड़ाई है।
रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में शराब और GST घोटाले के आरोपी कर रहे थे डांस पार्टी, वीडियो हुआ वायरल तो जेलर-जमादार हुए सस्पेंड
जनसुराज उम्मीदवार आर के मिश्रा ने बताया की जब वे चुनाव अभियान के दौरान बूथ पर घूम रहे थे, उसी समय शिवाजी नगर में भाजपा के गुंडे ने उनके साथ बदतमीजी की और इसी के खिलाफ वे अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं।जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी आरके मिश्रा पुलिस विभाग में काम कर चुके हैं। उनकी इमेज एक शख्स पुलिस अफसर की रही है। वे बिहार पुलिस के होमगार्ड डीजीपी रह चुके हैं। साल 1989 के भागलपुर दंगों के दौरान वहां शांति बहाल करने में आरके मिश्रा की भूमिका काफी अहम रही है। पूर्व पुलिस अधिकारी आरके मिश्रा ने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इतना ही नहीं सहरसा के रहने वाले आरके मिश्रा आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र रह चुके हैं।




