रियो डी जनेरियो: ब्राजील के रियो डी जनेरियो में कॉमांडो वर्मेल्हो (Comando Vermelho – CV) गिरोह के खिलाफ चलाए गए एक जबरदस्त पुलिस ऑपरेशन में में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इसे ब्राजील के इतिहास की सबसे बड़ा एनकाउंटर माना जा रहा है ।
रियो के आतंक का अंत
रियो में चला ये ऑपरेशन 28 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था, जिसमें 2,500 से अधिक सैन्य और नागरिक पुलिसकर्मी शामिल थे। इस अभियान में संगठित अपराध से निपटने वाले विशेष अभियोजन दल (GAECO) के अभियोजक भी शामिल हुए थे।
ब्राजीली मीडिया रिपोर्ट में 64 मौतों की पुष्टि हुई थी — जिनमें 60 संदिग्ध अपराधी और चार पुलिस अधिकारी शामिल थे। लेकिन 29 अक्टूबर की सुबह स्थानीय निवासियों ने सेरा दा मिसेरिकॉर्डिया (Serra da Misericórdia) के जंगल क्षेत्र में कम से कम 40 और शव पाए, जिन्हें पहचान के लिए पास के चौक पर लाया गया।
पुलिस की गाड़ियों में लगाई आग
पुलिस कार्रवाई के बाद कॉमांडो वर्मेल्हो गिरोह ने वाहनों में आग लगा दी, सड़कों पर बैरिकेड खड़े कर दिए और रियो की प्रमुख सड़कों — एवेनिडा ब्रासिल (Avenida Brasil) और लिन्हा अमारेला (Linha Amarela) — को 12 घंटे से अधिक समय तक ठप कर दिया।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस ने बताया कि 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 42 असॉल्ट राइफलें, ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया।
गिरोह ने 71 बसों को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे 204 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं और हजारों लोग घर पैदल लौटने को मजबूर हुए। सुबह तक हालात सामान्य होने पर मेयर एडुआर्डो पायस ने सार्वजनिक परिवहन बहाल होने की घोषणा की।
कौन है कॉमांडो वर्मेल्हो ?
कॉमांडो वर्मेल्हो (CV) की स्थापना 1970 के दशक में रियो की जेलों में हुई थी। यह अब ब्राजील का सबसे बड़ा आपराधिक संगठन बन चुका है, जो ड्रग तस्करी और हथियारों की तस्करी पर नियंत्रण रखता है। CV का प्रतिद्वंद्वी गैंगों से लगातार संघर्ष रियो की फेवलाओं को युद्ध क्षेत्र बना चुका है, जहाँ आम नागरिकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है।






