पटनाः बाहुबली और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह आरजेडी में शामिल हो गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूरजभान सिंह को आरजेडी की सदस्यता दिलाई। सूरजभान सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और उनके भाई पशुपति पारस के करीबी रहे है। चिराग पासवान से अलग होने के बाद सूरजभान सिंह पशुपति पारस के साथ चले गए थे। एनडीए से बाहर होने के बाद पशुपति पारस की राजनीति पर लगे ग्रहण के बीच सूरजभान सिंह ने आरजेडी का दामन थाम लिया।
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इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने आरजेडी में अपने पार्टी का विलय करने से इंकार कर दिया। इसके बाद सूरजभान सिंह ने आरजेडी की ओर रूख किया और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सूरजभान सिंह की पत्नी पूर्व सांसद वीणा देवी मोकामा सीट पर बाहुबली और जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी। वीणा सिंह के चुनाव मैदान में उतरने के साथ मोकामा की सीट हॉट सीट हो गई है, जहां दो बाहुबली की साख दांव पर लगी है। सूरजभान सिंह का कार्ड खेलकर आरजेडी ने भूमिहार कार्ड खेलने की कोशिश की है। वहीं भोजपुरी गायक खेसारी लाल की पत्नी चंदा को भी आरजेडी का सिंबल मिल चुका है। चंदा छपरा सीट से चुनाव लड़ेंगी जहां उनका मुकाबला बीजेपी की महिला उम्मीदवार छोटी कुमारी से होगा।वहीं आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की साली करिश्मा राय को परसा से चुनाव मैदान में उतारा है। करिश्मा राय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा राय की पोती है और तेजप्र्रताप की पत्नी ऐश्वर्या राय की चचेरी बहन है।
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छपरा सीट का राजनीतिक परिदृश्य
छपरा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दबदबा रहा है। फिलहाल इस सीट से डॉ.सीएन गुप्ता विधायक हैं, जो पिछले दो कार्यकाल से जीतते आ रहे हैं। हालांकि इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काटकर छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है। छपरा में यादव, राजपूत, ब्राह्मण, बनिया और मुस्लिम वोटरों की संख्या महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2020 के चुनाव में सीएन गुप्ता को 75,710 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी के रणधीर कुमार सिंह को 68,939 वोट मिले थे।दोनों के बीच वोटों का अंतर ज्यादा नहीं था। खेसारी लाल यादव छपरा के ही निवासी हैं और उनके फैन्स की संख्या भी काफी है।अब देखना यह है कि उनकी पॉपुलैरिटी का चंदा देवी को कितना फायदा मिलता है




