झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन में 30 करोड़ का घोटाला!, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 16, 2025

swachh_bharat_mission

रांचीः झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-टू के तहत करीब 30 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) गायब होने का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार के आदेश पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने ग्रामीण समितियों और स्वयं सहायता समूहों के खिलाफ करीब 30 करोड़ का सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया है।

विभागीय समीक्षा के दौरान खुलासा हुआ कि वर्ष 2017 से 2019 के दौरान आवंटित राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र अब तक जमा नहीं किया गया है। मामले में बड़े घोटाले की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने त्वरित जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन योजना की धीमी गति पर चिंता जताते हुए प्रमंडलों को स्पष्ट आदेश दिया है कि काम करें या पैसा वापस करें।

हजारीबाग वन भूमि घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, पूर्व CO शैलेश कुमार गिरफ्तार

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-टू केंद्र सरकार की योजना है और इसे राज्य सरकारों के साझेदारी व सहयोग से चलाया जा रहा है। नियमानुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने का काम पूरा होने के बाद उपयोगिता प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण समितियों और सेल्फ हेल्प ग्रुप को दी गई है।

See also  झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने बुलाई विधायक दल की बैठक, गठबंधन की मीटिंग से पहले वर्तमान राजनीतिक हालात पर होगा मंथन

इन्हें ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रमंडलीय कार्यालयों को उपयोगिता प्रमाणपत्र देना था, लेकिन वर्ष 2017 से 2019 के दौरान आवंटित करीब 30 करोड़ का उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। विभागीय समीक्षा के क्रम में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद को यह जानकारी मिली कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-टू के तहत करीब 30 करोड़ के आवंटन का उपयोगिता प्रमाण प्रमाणपत्र नहीं है।

बीजेपी ने जारी कर दी सभी उम्मीदवारों की सूची, तेजस्वी यादव के खिलाफ इन्हें राघोपुर से उतारा

दूसरी ओर केंद्र सरकार नए आवंटन के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र मांग रही है। प्रमाण नहीं देने पर नया बजट आवंटन रुका हुआ है। अनियमितता की आशंका को देखते हुए मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-टू का उद्देश्य खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की स्थिति को बनाए रखना, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को बढ़ाना है। यह एक मिशन-मोड कार्यक्रम है, जो सभी गांवों को ओडीएफ-प्लस मॉडल में बदलने, ओडीएफ-स्थायित्व, ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन और दृश्य स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करता है। झारखंड में दो माध्यमों से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-टू और वर्ल्ड बैंक के सहयोग से अतिरिक्त बजट फंड के तहत शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है।

See also  नेताओं के निजी जीवन पर टिप्पणी करने से बचें, चुनाव आयोग की सख्ती; AI वीडियो पर निगरानी

2017 से 2019 के दौरान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-टू के तहत 19.47 करोड़ और वर्ल्ड बैंक के सहयोग से अतिरिक्त बजट फंड से आवंटित 14 करोड़ में 10 करोड़ का उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि काम नहीं हुए हैं और राशि खर्च कर दी गई। विभाग को चिंता है कि शौचालयों का निर्माण धीमी गति से हो रहा है। आवंटित योजना की राशि खर्च क्यों नहीं हो पा रही है।

कांग्रेस ने जारी कर दी अपने उम्मीदवारों की सूची… कुटुंबा से राजेश राम, बेगूसराय से अमिता भूषण को टिकट

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now