रांचीः पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बेटे और बड़कागांव से पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज को जिला खनन कार्यालय ने सिर्फ बालू ढोने के लिए 204 चालान ही निर्गत किये थे, लेकिन हाइवा और ट्रक से करीब 1294 ट्रिप गाड़ी बालू की ढुलाई कर ली गयी। इसका खुलासा अंकित राज के ठिकाने से जब्त रजिस्टर की जांच करने से हुआ। ईडी ने जांच में पाया कि वाहन संख्या जेएच02एक्स-6528 से बालू ढुलाई के लिए डीएमओ कार्यालय ने सिर्फ 27 चालान निर्गत किये थे, जबकि दूसरे वाहन संख्या जेएच02एयू-6681 से बालू ढुलाई के लिए 177 चालान निर्गत हुए थे। जांच के क्रम में इस बात की भी पुष्टि हुई कि 2022 में जनवरी से लेकर जून तक बालू ढुलाई के लिए कोई चालान निर्गत नहीं हुआ था। उसके बाद भी हाइवा के जरिये बालू की ढुलाई की गयी। इसी बालू के अवैध कारोबार के जरिये अंकित राज ने 3.12 करोड़ रुपये की मनी लाउंड्रिंग की थी। इस मामले में ईडी पूर्व में उसकी जमीन सहित अन्य संपत्ति जब्त कर चुकी है।
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ईडी की जांच में पता चला है कि अंकित राज ने अपने बालू के अवैध कारोबार के लिए पारिवारिक राजनीतिक प्रभुत्व का इस्तेमाल किया। उसने बालू के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को धमकी भी दी। ईडी ने जांच के क्रम में ट्रैक्टर के ड्राइवर का बयान रिकार्ड किया है। ट्रैक्टर के ड्राइवर ने अपने बयान में ईडी को बताया कि पूर्व में ट्रैक्टर में लोड बालू पकड़ा गया था। यह बालू अंकित राज के कहने पर ही चलता था। जांच में यह भी पता चला कि पूर्व में पुलिस ने बालू लोड आठ अवैध ट्रैक्टर पकड़े थे, लेकिन अंकित राज ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर थाना से जबरन बालू लोड ट्रैक्टर को भगवा दिया था। ईडी ने जांच में पाया कि अंकित राज ने बड़कागांव की पूर्व विधायक और अपनी बहन अंबा प्रसाद के प्रभाव का इस्तेमाल अफसरों को प्रभावित करने के लिए किया, जिससे कि वह बालू का अवैध कारोबार कर सके।
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ईडी ने जांच में पाया है कि अंकित राज प्रति गाड़ी बालू 6000-7000 रुपये में मंगवाता था। इस कार्य के लिए उसने एक सिंडिकेट तैयार कर रखा था। इसका मास्टरमाइंड खुद अंकित राज था, जबकि बालू के अवैध कारोबार के लिए तैयार उसके सिंडिकेट में मनोज कुमार अग्रवाल, पंचम कुमार, संजीव कुमार, मनोज प्रसाद दांगी, अनिल कुमार और बिंदेश्वर कुमार दांगी बतौर सहयोगी काम करते थे। ईडी पूर्व में अंकित राज की जमीन सहित कई अन्य संपत्ति जब्त कर चुकी है।




