रांचीः मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के परिवार के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस शिष्टाचार मुलाकात में घाटशिला सीट पर होने वाले चुनाव को लेकर चर्चा हुई।
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रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव नवंबर में संभावित है। उससे पहले मुख्यमंत्री ने रामदास सोरेन से मुलाकात कर उपचुनाव में उम्मीदवारी को लेकर चर्चा की। मीडिया रिपोट्स में इस बात की चर्चा जोरो से हो रही है कि रामदास की जगह उनके बेटे सोमेश सोरेन को घाटशिला सीट पर उम्मीदवार बनाया जा सकता है। चुनाव से पहले उन्हें हेमंत सोरेन की कैबिनेट में भी जगह दी जा सकती है, जैसा कि पूर्व में जगन्नाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी और हाजी हुसैन अंसारी के इंत्काल के बाद उनके बेटे हफुजुल अंसारी को चुनाव लड़ाने से पहले मंत्री बनाकर किया गया था।
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सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि रामदास सोरेन की जगह उनके बड़े बेटे सोमेश सोरेन को उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया जाए या फिर उनकी पत्नी सूरजमनी सोरेन को चुनाव मैदान में उतारा जाए। कहा तो ये भी जा रहा है कि रामदास सोरेन का भतीजा भी उनकी राजनीतिक विरासत का एक दावेदार है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन विकल्पों पर परिवार के लोगों के साथ चर्चा कर आम सहमति बनाने की कोशिश की है। कहा जा रहा है कि रामदास सोरेन के परिवार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कहा है कि जो उनका और पार्टी का फैसला होगा वो उन्हें मंजूर होगा। जो भी घाटशिला से उम्मीदवार होगा उसे बड़ी जीत दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
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