डेस्कः बिहार के पश्चिमी चंपारण में एक दिल दहाने वाली घटना सामने आई है। गौनाहा प्रखंड के मटियारिया थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में एक ऐसी घटना हुई जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के गोबर्धना जंगल से निकले एक बाघ ने मवेशी चराने गई 60 वर्षीय उमछी देवी पर हमला कर उनकी जान ले ली।
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सोनबरसा गांव निवासी खेलावन महतो की पत्नी उमछी देवी गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे मवेशियों को चराने के लिए गांव से करीब 500 मीटर दूर द्वारदह नदी के पास गई थीं। इसी दौरान जंगल से निकले बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ ने उमछी देवी को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। आसपास मवेशी चरा रहे लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक उमछी देवी की मौत हो चुकी थी।
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परिजनों के अनुसार, बाघ ने उमछी देवी को लगभग 200 मीटर तक घसीटा। घटनास्थल पर केवल उनके फटे हुए कपड़े और एक पैर का हिस्सा ही मिला, जबकि शव का बाकी हिस्सा गायब था। इस दृश्य ने ग्रामीणों को और भी डरा दिया। आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे, तो बाघ पहले ही भाग चुका था।
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घटना की सूचना मिलते ही मटियारिया थाना पुलिस और गोबर्धना रेंज के रेंजर सत्यम शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ के पगमार्कों का विश्लेषण शुरू कर दिया गया है और उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने शरीर के शेष भाग को जांच के लिए भेज दिया है।
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यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 11 अगस्त 2025 को गोबर्धना रेंज के खैरहनी गांव में बाघ ने 65 वर्षीय किसान मथुरा महतो की जान ली थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश को बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण बाघ बार-बार गांवों में घुस रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।


