झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से 52 साल के हवलदार बारगी उरांव की पुलिस बैरक में गोली लगने से मौत होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि हवलदार अपने बैरक में इन्सास राइफल की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान गलती से ट्रिगर दब गया और राइफल से निकली गोली उनके सिर में जा लगी। उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, संबंधित अधिकारी अब तक इस मामले में बोलने से बच रहे हैं।
बारगी उरांव पश्चिमी सिंहभूम के गुवा थाना में तैनात थे। वह गुमला के घाघरा कोहीपाट जाम टोली के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार को अपने बैरक में इंसास राइफल की सफाई कर रहे थे। राइफल भरी हुई (लोडेड) थी। इस बात का या तो उन्हें अनुमान था या फिर नजरअंदाज किया। लेकिन, एक चूक और उनकी मौत हो गई। राइफल की सफाई करते वक्त उसका ट्रिगर दब गया और गोली सीधा उनके खोपड़ी में जा लगी।
धनबाद में BCCL का जर्जर आवास गिरा, मलबे में दबने से दो बच्चों समेत तीन की मौत
बैरक से गोली चलने की आवाज आई तो सब चौकन्ने हो गए। अंदर आकर देखा तो हवलदार बारगी उरांव को गोली लगी देखी। आनन-फानन में उन्हें गुवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि गोली खोपड़ी में लगने के कारण घाव गंभीर थे। इसके चलते इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस मंगलवार रात को ही शव को सदर अस्पताल लायी, जहां पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया गया। बुधवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव पैतृक गांव गुमला भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन सदर अस्पताल आ गए थे। तीन सदस्य मेडिकल टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया।
चतरा में गांववालों की तालीबानी सजा! पहले जीभ काटी फिर मारकर जला दिया











