भारत-चीन की दोस्ती : पीएम मोदी ने आपसी विश्वास पर जोर दिया तो शी जिनपिंग ने बताया हाथी और ड्रैगन का साझा नृत्य

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तियानजिन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रविवार को तियानजिन में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी को भारत में 2026 में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

बैठक में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को चीन का पूरा समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चीन और भारत प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि सहयोगी साझेदार हैं। “हम दोनों देशों के बीच संबंधों को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखते हैं,” शी जिनपिंग ने कहा।

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प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि भारत और चीन के संबंध आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग 2.8 अरब लोगों के कल्याण से जुड़ा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विवादित सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए डिसएंगेजमेंट के बाद शांति और स्थिरता कायम है।”

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राष्ट्रपति शी ने आगे कहा कि भारत और चीन को “अच्छे पड़ोसी” और “एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार” बनना चाहिए। उन्होंने इसे “ड्रैगन और हाथी का सहयोगी नृत्य” करार दिया और कहा कि यही दोनों देशों के लिए सही विकल्प है।

इस वर्ष चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर राष्ट्रपति शी ने सुझाव दिया कि दोनों देशों को द्विपक्षीय रिश्तों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। उन्होंने रणनीतिक संवाद बढ़ाने, आपसी विश्वास गहरा करने, हितकारी सहयोग को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन को सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखनी चाहिए और सीमा विवाद को द्विपक्षीय संबंधों की परिभाषा नहीं बनने देना चाहिए।

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