By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Live Dainik-Latest & Live News in HindiLive Dainik-Latest & Live News in HindiLive Dainik-Latest & Live News in Hindi
  • होम पेज
  • निकाय चुनाव
  • राज्य
    • बिहार
    • झारखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तरप्रदेश
    • अंडमान एवं निकोबार
    • असम
    • आँध्रप्रदेश
    • ओड़िशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • तमिलनाडु
    • जम्मु-कश्मीर
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दमन और दीव
    • दादरा और नगर हवेली
    • दिल्ली
    • नागालैंड
    • पंजाब
    • पुडुचेरी
    • मणिपुर
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
  • झारखंड
    • दक्षिण छोटानागपुर
      • राँची
      • खूँटी
      • गुमला
      • सिमडेगा
      • लोहरदग्गा
    • कोयला क्षेत्र
      • धनबाद
        • उत्तरी छोटानागपुर
          • हजारीबाग
          • रामगढ़
          • चतरा
          • गिरिडीह
          • कोडरमा
            • बोकारो
              • कोल्हान प्रमंडल
                • सरायकेला
                • चाईबासा
                • जमशेदपुर
    • पलामू प्रमंडल
      • पलामू
      • गढवा
      • लातेहार
    • संथाल परगना
      • दुमका
      • देवघर
      • जामताड़ा
      • गोड्डा
      • साहिबगंज
      • पाकुड़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • धर्म
  • लाइफ स्टाइल
  • मनोरंजन
  • वेब स्टोरी
Reading: रांची में अगस्त की वो रातें जब लोगों के सिर पर सवार था खून… HEC में बन रहे थे चाकू, खंजर और भाला..
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Live Dainik-Latest & Live News in HindiLive Dainik-Latest & Live News in Hindi
Font ResizerAa
  • होम पेज
  • निकाय चुनाव
  • राज्य
  • झारखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • धर्म
  • लाइफ स्टाइल
  • मनोरंजन
  • वेब स्टोरी
Search
  • होम पेज
  • निकाय चुनाव
  • राज्य
    • बिहार
    • झारखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तरप्रदेश
    • अंडमान एवं निकोबार
    • असम
    • आँध्रप्रदेश
    • ओड़िशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • तमिलनाडु
    • जम्मु-कश्मीर
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दमन और दीव
    • दादरा और नगर हवेली
    • दिल्ली
    • नागालैंड
    • पंजाब
    • पुडुचेरी
    • मणिपुर
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
  • झारखंड
    • दक्षिण छोटानागपुर
    • कोयला क्षेत्र
    • पलामू प्रमंडल
    • संथाल परगना
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • धर्म
  • लाइफ स्टाइल
  • मनोरंजन
  • वेब स्टोरी
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -

Home | रांची में अगस्त की वो रातें जब लोगों के सिर पर सवार था खून… HEC में बन रहे थे चाकू, खंजर और भाला..

रांची में अगस्त की वो रातें जब लोगों के सिर पर सवार था खून… HEC में बन रहे थे चाकू, खंजर और भाला..

LiveDainik Desk
August 24, 2025 8:37 PM
By LiveDainik Desk
6 months ago
Share
ranchi riot 1967
SHARE

58 वर्ष पहले । रांची में अगस्त के महीने में इतनी बारिश नहीं थी। 22 अगस्त को खुला आसमान था । दोपहर बाद कश्मीर वस्त्रालय के मालिक शादीलाल मल्होत्रा अपने बच्चे को स्कूल से लाने के लिए स्कूटर से निकले ।  लेकिन घर कभी वापस नहीं आ सके । बिहार में उस समय यूनाइटेड फ्रंट की सरकार थी । कर्पूरी ठाकुर मुख्यमंत्री थे । जनसंघ के साथ मिलकर सरकार चल रही थी । उर्दू को दूसरी भाषा का दर्जा दिया गया तो रांची में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया । दो गुटों में झड़प हुई । शहीद चौक के पास स्कूल से कुछ लोग निकले और शादीलाल मल्होत्रा पर हमला कर दिया । अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मौत हो गई । ये पहली हत्या थी जिसने रांची के दामन पर वो दाग लगा दिया जो आज तक नहीं धुल सका है। इसके बाद जो हुआ वो तो भयावह था । 58 वर्ष पहले की ये कहानी कई परिवारों के जख्म आज भी हरे कर देती है । भाषाई सांप्रदायिकता के  शादीलाल मल्होत्रा शुरुआती शिकार थे । इसके बाद तो कतार लग गई ।

Contents
  • उर्दू प्रेस
  • हिंदी प्रेस
  • अंग्रेज़ी प्रेस
  • बाहरी प्रेस

बिहार में भू-माफियाओं ने बेच दी NHAI की जमीन, ROB निर्माण रूका, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था शिलान्यास

सैयद हामिद हसन, सब अकाउंटेंट एचईसी ने यह जांच आयोग के सामने बतौर चश्मदीद जो बयान दिया वो तो रोंगटे खड़े कर देने वाला था ।  24-25 अगस्त की रात थी । धुर्वा के सेक्टर दो के क्वार्टर संख्या 513/B में अनवर  खान अपने परिवार के साथ सहमे-दुबके छीपे थे । घर से किसी तरह की आवाज नहीं आ रही थी । बाहर दंगाई घूम रहे थे । दूसरे धर्म के लोगों की तलाश हो रही थी ।  सामने में स्कूल टीचर तिवारी जी रहते थे । दंगाईयों ने मास्टर साहब से पूछा अनवर का परिवार कहां गया । तिवारी जी ने कहा कि वे सब छोड़ कर चले गए हैं । सुबह तिवारी जी जब क्वार्टर संख्या 1303/B से लौट रहे थे उन्हें मालूम चला कि अनवर और उसके परिवार की हत्या कर दी गई है ।

- Advertisement -
LD-advertisement

अनवर के घर पहुंचे थे देखा कि कॉलोनी के ही कुछ लोग जश्न मना रहे हैं । आस-पास वाले भी सीढ़ियों से उपर चढ़ रहे हैं और तमाशा देख कर लौट रहे हैं । मास्टर साहब जिन्हें तिवारी जी कहते थे लोग उन्होंने साहस दिखाई । ऊपर गए  । दृश्य देखते ही रोंगटे खड़े हो गए । छोटी सी बच्ची के जिस्म जिसके कई टुकड़े थे…दरवाजे पर पड़े थे ।  दरवाजे के बाईं ओर के कमरे में एक औरत बैठी हुई थी । जिस्म में जान नहीं थी । देख कर ऐसा लग रहा था मानों उसने हत्यारों को रोकने की कोशिश की होगी । अनवर खान खून में सने मृत पड़े थे। एक बच्ची के सीने में खंजर पैबश्त था । अनवर खान की जवान बेटी निर्वस्त्र मृत पड़ी थी और दंगाई जश्न मना रहे थे । तिवारी जी नीचे उतरे तो अनवर खान का बेटा भी मरा पड़ा था । उन्होंने एक पुरानी साड़ी निकाली और निर्वस्त्र बेटी के जिस्म पर रख दी ।  बचाव दल की एक गाड़ी के ड्राइवर शाहजहां ने मस्जिट्रेड झा को उस वक्त फायरिंग की सलाह दी जब धुर्वा के क्वार्टर संख्या 1969 के पास 14 वर्षीय बच्चे की फसाद करने वालों ने हत्या कर दी । मजिस्ट्रेट झा ने ड्राइवर को ये कह कर मना कर दिया जब हिन्दू थोड़े ही मारे जा रहे हैं ।  गाड़ी संख्या BRN-9658 के चालक शाहजंहा ने बताया कि पुलिस और मिलिट्री की मौजूदगी में 4 हजार लोगों की भीड़ ने घर को लूट लिया । घरवालों को मार डाला ।  तब तक मजिस्ट्रेट को लग रहा था ड्राइवर हिन्दू है । जैसे ही जानकारी मिली कि वो गैर हिन्दू हैं उसे मारने की साजिश रची गई लेकिन वो बच गया और स्टेशन डायरी में बयान दर्ज कराने में कामयाब हो सका । 

- Advertisement -
royal-soler-new

चंपाई सोरेन की जगह जयराम महतो के नेता ने चलाया नगड़ी में हल, पुलिस ने रिम्स-2 का विरोध करने पहुंचे लोगों पर किया हल्का बल प्रयोग

जिस रांची में  नेहरु ने एचईसी के जरिए आधुनिक भारत के निर्माण का सपना देखा था वहां इस तरह हिंसा होगी किसी ने सोचा नहीं था । 1964 के पूर्वी पाकिस्तान के शरणार्थियों के साथ हुई बर्बरता की यादें रांची के लोग भूले नहीं थे कि बिहार में कर्पूरी ठाकुर ने उर्दू को दूसरी भाषा की मान्यता दे दी । कांग्रेस के एक विधायक ने प्रस्ताव रखा और सरकार ने मंजूर कर लिया । कर्पूरी ठाकुर ने चुनाव के दौरान उर्दू को बिहारा की द्वितीय भाषा बनाने का वादा किया था । सरकार में साथ जनसंघ इसका विरोध कर रही थी । रांची में कांग्रेस के युवा नेता खुली गाड़ी में माइक लगा कर प्रचार करना शुरु कर दिया। नाम था विजय रंजन । उसने 22 अगस्त को रांची के जिला स्कूल के पास लोगों को इकट्ठा होने की अपील की । उसने लिखा जो लोग रांची सड़कों पर चीन और पाकिस्तान परस्त नारे लगा रहे उन्हें गिरफ्तार किया जाए। आग विजय रंजन ने लगाई । शादी लाल मल्होत्रा की जान चली गई। इससे पहले 12 अगस्त 1967 को जनसंघ उर्दू के खिलाफ रांची के तपोवन में बड़ी रैली आयोजित कर चुकी थी । जनसंघ ने हिन्दूओं की मर्दानगी को ललकारा था । कश्मीर वस्त्रालय वाले शादीलाल मल्होत्रा पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद से बंटवारे से पहले आ चुके थे और रांची में अपना कारोबार शुरु किया था ।  उन्हें क्या मालूम था कि जिस बंटवारे बचकर वे रांची भागे उसने रांची में उनकी जान ले ली । 

1967 में बिहार के कर्पूरी सरकार ने उर्दू को द्वितीय भाषा तो बना दिया लेकिन इससे उपजे विवाद का खामियाजा रांची आज भी उठाना पड़ रहा है । एचईसी में उस जमाने में 16 हजार कर्मचारी थे , 4 हजार कॉन्ट्रेक्टर थे । चार हजार फ्लैट्स में सिर्फ तीन सौ मुसलमान कर्मचारी रहते थे । कर्मचारियों में 99 प्रतिशत ऊंची जातियों के लोग थे ।  कहा जाता है कि एचईसी में कर्मचारियों ने दंगों के दौरान हथियार बनाने शुरु कर दिए थे । उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी । सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज रघुवर दायल की अध्यक्षा में जांच आयोग बनी । दो सदस्य थे सांसद और बार एट लॉ कर्नल बी एच जैदी और एमएम फिलिप  भारत सरकार के पूर्व सचिव । उन्होंने रिपोर्ट सौंपी । इसे रिपोर्ट को पढ़कर सांप्रदायिकता,दंगे और उसके पीछे की वजहों को समझा जा सकता है ।  REPORT OF THE

COMMISSION OF INQUIRY O N COMMUNAL DISTURBANCES RANCHI-HATIA (AUGUST 22-29, 1967) रांची की लाइब्रेरी में धूल फांक रही होगी। इसी रिपोर्ट में प्रेस की भूमिका पर विस्तार से बताया गया । रिपोर्ट के मुताबिक

उर्दू प्रेस

•⁠  ⁠सदा-ए-आम और सदा-ए-हिंद (पटना से प्रकाशित) ने मुस्लिमों पर हुए अत्याचार और प्रशासनिक उदासीनता को प्रमुखता दी।

•⁠  ⁠इनमें पुलिस, होमगार्ड और सेना पर भी आरोप प्रकाशित हुए कि वे हत्या और लूट में शामिल थे।

•⁠  ⁠आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए और छोटे घटनाओं को भी बड़ा महत्व दिया गया, जिससे साम्प्रदायिक तनाव और बढ़ा।

हिंदी प्रेस

•⁠  ⁠स्थानीय हिंदी अख़बारों ने दंगों की खबरें अपेक्षाकृत संयमित तरीके से दीं।

•⁠  ⁠नवराष्ट्र, पटना ने सरकार की आलोचना की और पुलिस मंत्री पर दंगों की जिम्मेदारी डाली।

•⁠  ⁠अन्य जैसे साथी और सदक़त का स्वर शांत और नियंत्रित था।

अंग्रेज़ी प्रेस

•⁠  ⁠रांची से प्रकाशित द सेंटिनल (सैयद मोहिउद्दीन अहमद का अख़बार) ने साम्यवादी दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया और हिंदुओं व सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया।

•⁠  ⁠इसने CPI(M) नेता सत्य नारायण सिंह के उस बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसमें “500 मुसलमानों की हत्या” का दावा किया गया।

•⁠  ⁠सर्चलाइट और इंडियन नेशन (पटना से प्रकाशित) ने ज़िम्मेदारी दिखाते हुए सिर्फ़ सत्यापित खबरें दीं और किसी भी समुदाय को भड़काने से परहेज किया।

बाहरी प्रेस

•⁠  ⁠लखनऊ का पंचजंय (हिंदी साप्ताहिक, जनसंघ का अंग), दिल्ली का Organiser (अंग्रेज़ी, जनसंघ का), और दिल्ली का Radiance (अंग्रेज़ी, मुस्लिम दृष्टिकोण वाला) ने साम्प्रदायिक भावनाओं को बढ़ावा देने वाले लेख प्रकाशित किए।

•⁠  ⁠इन अख़बारों ने घटनाओं को तोड़-मरोड़कर अपने-अपने समुदाय को पीड़ित दिखाने का प्रयास किया।

•⁠  ⁠यूपी के कुछ अख़बारों ने भी ऐसे समाचार प्रकाशित किए जिनसे मुस्लिम समुदाय में गहरी नाराज़गी फैल सकती थी।

इतना ही नहीं एचईसी जिसे भारत का सबसे महत्वपूर्ण कारखाना माना जाता है उसकी बर्बादी के पीछे जातियता, धार्मिक कट्टरता, क्षेत्रवाद के साथ-साथ सांप्रदायिकता को माना जा सकता है । रिपोर्ट पढ़ने से मालूम चलता है कि किस तरह दक्षिण भारतीय कर्मचारियों को भगाने की साजिश की गई ।  रिपोर्ट में एक कर्मचारी के हवाले से लिखा गया कि “समय एक अफ़वाह फैलाई गई कि कुछ दक्षिण भारतीय इंजीनियरों ने श्री नंदकुमार सिंह, जो उस समय हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महासचिव थे, पर हमला किया है।

बिहारी कर्मचारियों में एंटी-दक्षिण भारतीय भावना भड़काने की कोशिश की गई। इसमें प्रमुख रूप से श्री एस.एन. सिंह (फ़िटर, “बी” क्रेन डिवीजन) और रामजी सिंह (डिवीजन) शामिल थे। इस अफ़वाह की वजह से प्लांट का कामकाज लगभग ठप हो गया। कुछ दक्षिण भारतीय इंजीनियरों पर हॉस्टल में हुए हालातों की ज़िम्मेदारी डाली गई।

दरअसल ऐसा प्रतीत हुआ कि पिछली रात श्री नंदकुमार सिंह नशे की हालत में टैक्सी से लौट रहे थे। उसी टैक्सी में कुछ दक्षिण भारतीय इंजीनियर भी सवार थे। इंजीनियरों ने उनके थूकने और पैर फैलाकर बैठने के तरीके पर आपत्ति जताई। इसी को लेकर बहस और झगड़ा हुआ। मुझे आगे पता चला कि उसी रात श्री नंदकुमार सिंह के समर्थकों ने एक समूह बनाकर कुछ इंजीनियरों पर हॉस्टल में हमला किया। इसका उद्देश्य दक्षिण भारतीयों को डराना और आतंकित करना था। “

विवेक सिन्हा

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article ranchi_airport_to_birsa_chowk_6_lane_news रांची एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक बनेगी 6 लेन सड़क, हेमंत सरकार खर्च करेगी 45 करोड़
Next Article रिम्स-2 की जमीन पर चंपाई सोरेन चलाएंगे हल, पूरे एरिया में बैरिकेडिंग कर निषेधाज्ञा लगाई लगी रिम्स-2 की जमीन पर हल चलाने को लेकर चंपाई सोरेन हाउस अरेस्ट! पूर्व मुख्यमंत्री ने किया दावा
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

- Advertisement -
Ad imageAd image

Recent Posts

  • गुमला में ACB की कार्रवाई,लघु सिंचाई विभाग का क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
  • बिहार में रेलवे जक्शन पर बजने लगा अश्लील गाना, यात्री हुए हैरान, रेल प्रबंधन पर उठा सवाल
  • निकाय चुनाव के दौरान बागी हुए नेताओं पर बीजेपी सख्त, 20 को शो-कॉज देने की तैयारी
  • निकाय चुनाव के बाद BJP और JMM की बनने जा रही है सरकार, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का दावा
  • मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना; झारखंड में जिन महिलाओं को नहीं मिल रहा पैसा उनके लिए खुशखबरी
  • ED ने 521 करोड़ के मैक्सीजोन चिटफंड घोटाले में चार्जशीट की दाखिल, निदेशक और उनकी पत्नी को बनाया आरोपित
  • कोयला घोटाला: ईडी ने अनूप माजी की 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की, हवाला नेटवर्क का खुलासा
  • बाबूलाल मरांडी ने DGP नियुक्ति पर उठाए सवाल, कहा- संपत्ति की जांच और सैलरी की हो वसूली

You Might Also Like

गुमला में ACB की कार्रवाई,लघु सिंचाई विभाग का क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

गुमला में ACB की कार्रवाई,लघु सिंचाई विभाग का क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

39 minutes ago
बिहार में रेलवे जक्शन पर बजने लगा अश्लील गाना, यात्री हुए हैरान, रेल प्रबंधन पर उठा सवाल

बिहार में रेलवे जक्शन पर बजने लगा अश्लील गाना, यात्री हुए हैरान, रेल प्रबंधन पर उठा सवाल

2 hours ago
निकाय चुनाव के दौरान बागी हुए नेताओं पर बीजेपी सख्त, 20 को शो-कॉज देने की तैयारी

निकाय चुनाव के दौरान बागी हुए नेताओं पर बीजेपी सख्त, 20 को शो-कॉज देने की तैयारी

8 hours ago
निकाय चुनाव के बाद BJP और JMM की बनने जा रही है सरकार, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का दावा

निकाय चुनाव के बाद BJP और JMM की बनने जा रही है सरकार, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का दावा

9 hours ago
Follow US
© 2024-25 Live Dainik Broadcast Private Limited. All Rights Reserved.
  • About us
  • Advertise with us
  • Privacy Policy
  • Contact us
  • Terms and Condition
  • Disclaimer
adbanner
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?