पटना एम्स के दो डॉक्टरों पर CBI ने दर्ज की FIR, बड़ा फर्जीवाड़ा कर ली थी नौकरी

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August 14, 2025

पटना एम्स के दो डॉक्टरों पर CBI ने दर्ज की FIR, बड़ा फर्जीवाड़ा कर ली थी नौकरी

पटनाः सीबीआई ने पटना एम्स में चयनित हुए दो डॉक्टरों कुमार सिद्धार्थ और कुमार हर्षित राज पर आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों पर धोखाधड़ी कर फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने का आरोप है। उनके खिलाफ आईपीएसी (भारतीय दंड संहिता) की धाराएं 420, 467, 468 और 471 लगाई गयी हैं। केस की जांच सीबीआई के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में डिप्टी एसपी सुरेंद्र देपावत को सौंपी गयी है।

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कुमार सिद्धार्थ पर फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र पर असिस्टेंट प्रोफेसर और कुमार हर्षित राज पर ईडब्ल्यूएस कोटे की सीट को यूआर श्रेणी में परिवर्तन के बाद ट्यूटर/डेमॉन्स्ट्रेटर की नौकरी पाने का आरोप है। कुमार हर्षित राज पटना एम्स में तत्कालीन बाल शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. बिंदे कुमार के पुत्र हैं।

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डॉ. बिंदे अभी आईजीआईएमएस के निदेशक और बिहार चिकित्सा विवि के कुलपति हैं। प्राथमिकी के मुताबिक, इस मामले में दानापुर के अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार ने दिसंबर 2024 में सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि जून से सितंबर 2023 के बीच फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर पटना एम्स में चयन हुआ है।

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CBI को जांच में क्या मिला
फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी के मामले में सीबीआई की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि आरोपित डॉक्टर कुमार सिद्धार्थ ने दाखिले में बेईमानी और धोखाधड़ी से एसडीओ पटना सदर की ओर से जारी जाली ओबीसी नॉन-क्रीम लेयर प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया है।उनके नाम पर प्रमाणपत्र BOBCDM/ 20235/ 89504 दिनांक 09.09.2023, BOBC SDO/ 2023/148247 दिनांक 30.08.2023 और BOBCCO/ 2023/ 364518 दिनांक 28.08.2023 जारी पाये गए। फर्जी प्रमाणपत्र पर उन्होंने एम्स पटना में फिजियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर अपना पद सुरक्षित कर लिया। आरोप है कि उनके चयन के लिए एसोसिएट प्रोफेसर के पद को घटाकर असिस्टेंट प्रोफेसर का कर दिया गया था।

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हर्षित राज के लिए सीट को यूआर श्रेणी में परिवर्तित किया
एफआईआर में दूसरे संदिग्ध अभ्यर्थी कुमार हर्षित राज पर ईडब्ल्यूएस कोटे की सीट को यूआर श्रेणी में परिवर्तित करते हुए सामान्य श्रेणी में ट्यूटर/डेमॉन्स्ट्रेटर के रूप में चयन का आरोप है। यह भी आरोप है कि हर्षित राज ने पटना सदर एसडीओ की ओर से जारी ओबीसी नॉन क्रीम लेयर प्रमाणपत्र के आधार पर पद हासिल करने का प्रयास किया। इससे संबंधित एक प्रमाणपत्र बीओबीसीसीओ/2023/09542 दिनांक 10.01.2023 को जबकि दूसरा प्रमाणपत्र बीओबीसीएसडीओ/2023/07228 दिनांक 19.01.2023 को जारी हुआ है।

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