कांग्रेस नेता नीरज सिंह के हत्या के आरोपी और बीजेपी के पूर्व विधायक संजीव सिंह रिनपास से डिस्चार्ज, धनबाद जाने पर रहेगी रोक

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 11, 2025

बीजेपी के पूर्व विधायक संजीव सिंह रिनपास से हुए डिस्चार्ज, धनबाद जाने पर रहेगा रोक

रांचीः झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, जो अपने चचेरे भाई नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या के मामले में आठ साल से जेल में थे, को सोमवार शाम को रांची के रिनपास (RINPAS) से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिलने के बाद आया है, जिससे संजीव सिंह को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट से आदेश आने के बाद वे रिनपास से अपने समर्थकों के साथ निकल गए। फिलहाल उन्हें धनबाद जाने पर पाबंदी है, जिस वजह से वे अभी रांची में ही निवास करेंगे।

पूर्व विधायक संजीव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में मिली जमानत
जमानत का कानूनी पहलू
संजीव सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनबी अंजारिया की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता सन्नी चौधरी की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। इस आदेश के बाद, ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया। संजीव सिंह 11 अप्रैल 2017 से न्यायिक हिरासत में थे। इससे पहले, उनकी जमानत याचिका निचली अदालत और उच्च न्यायालय से कई बार खारिज हो चुकी थी।

See also  लोहरदगाः 5 नवंबर को राजनाथ सिंह आजसू के लिए मांगेंगे वोट , 8 को राहुल गांधी का कार्यक्रम संभव

अखिलेश यादव 12 अगस्त को रांची पहुंचेंगे, नेमरा में ‘दिशुम गुरु’ शिबू सोरेन को देंगे श्रद्धांजलि
धनबाद जाने पर है पाबंदी

जमानत के बाद, संजीव सिंह को फिलहाल धनबाद जाने पर पाबंदी है, इसलिए वह अभी रांची में ही रहेंगे। रिनपास से डिस्चार्ज होने के बाद वह अपने समर्थकों के साथ बाहर निकले। इस मामले में आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन यह जमानत संजीव सिंह के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
यह भी जानें

पटना में दिनदहाड़े बैंक में घूसे अपराधी, ज्वेलरी शॉप के कर्मचारी पर तान दिया पिस्टल, मचा हड़कंप
नीरज सिंह हत्याकांड: 21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला में नीरज सिंह, उनके अंगरक्षक, और दो अन्य लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में संजीव सिंह का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: संजीव सिंह और नीरज सिंह दोनों ही धनबाद की राजनीतिक परिवार से आते थे। यह हत्या झरिया में कोयला कारोबार और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम मानी जाती है। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।
रिनपास: संजीव सिंह को स्वास्थ्य कारणों से इलाज के लिए रांची के रिनपास (रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंसेज) में शिफ्ट किया गया था, जहां वे न्यायिक हिरासत में थे।
ट्रायल और जांच: इस मामले की जांच के दौरान कई मोड़ आए, जिसमें पुलिस ने कई गवाहों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सुप्रीम कोर्ट की जमानत संजीव सिंह के लिए एक बड़ी राहत है, लेकिन मामले का ट्रायल अभी भी चल रहा है और अंतिम फैसला आना बाकी है।

See also  पटना में सेक्स रैकेट का विरोध करने पर युवक की हत्या, जंक्शन से हुआ था अपहरण, CCTV था फिर भी जिंदा ढूंढ नहीं पाई पुलिस
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now