रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 5 अगस्त से अपने पैतृक गांव नेमरा में है। 4 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद 5 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार नेमरा गांव में हुआ। 5 अगस्त से मुख्यमंत्री लगातार नेमरा गांव में है और वहीं से सरकार को चला रहे है। नेमरा में रहते हुए वो लगातार आम आदमी और किसानों के बीच जा रहे है। शनिवार को भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बारिश में भींगते हुए धान रोपनी कर रहे किसानों से मुलाकात की।
तस्वीरें: नेमरा में धनरोपनी के बहाने हेमंत ने किसानों से किया सीधा संवाद, हर मुश्किल में दिया साथ खड़े होने का वचन
गांव की पगडंडियों पर चलते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल धान रोपनी में लगे किसानों-महिलाओं के साथ बातचीत की, बल्कि प्रकृति के इस अद्भुत सौंदर्य को निहारते हुए बचपन की यादें भी ताजा कीं। उन्होंने नेमरा के बरमसिया और बड़का नदी दोईन में किसानों से बात-चीत करते हुए कहा कि स्थानीय तौर पर बारिश के पानी का खेती के लिए इस्तेमाल किए जाने के बहुत फायदे हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि छोटी बरसाती नदी के पानी को चेक डैम के जरिए खेतों तक पहुंचाने की सरकार की योजना का लाभ लें। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर अपनी खेती की बेहतरी से अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रयास करें। सरकार आपके साथ खड़ी है, आपकी मदद के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के ऐसे नजारों को देखने के लिए लोग दूर-दूर देशों तक घूमने जाते हैं। अपने झारखंड के गांवों में तमाम ऐसे दृश्य प्रकृति ने बिखेर रखा है। हम सबों को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सजग रहने की जरूरत है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किसानों से लंबी बातचीत की। उन्होंने खेती-बाड़ी की मौजूदा स्थिति, बारिश के हालात, खाद और बीज की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। किसानों ने भी खुले मन से अपनी समस्याएं और सुझाव रखे।
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गांव का विकास ही राज्य का विकास है
ग्रामीणों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। हमारी सरकार किसानों के हित में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार गांव के विकास, सड़क, सिंचाई और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है।







