झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दिल्ली के अपोलो अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। मस्तिष्क की कार्यशीलता जांच के लिए सोमवार को एप्निया टेस्ट होगा। इससे उनकी स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के स्वास्थ्य को लेकर भी जानकारी दी गई है। डॉक्टरों ने रामदास सोरेन की तबीयत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। तो चलिए जानते हैं क्या होता है एप्निया टेस्ट।
एप्निया टेस्ट एक ऐसा टेस्ट है जिसमें पता लगाया जाता है कि मरीज खुद से सांस लेने की कोशिश रहा है या नहीं। एप्निया टेस्ट से यह पता चल जाता है कि मस्तिष्क ठीक से काम कर रहा है या नहीं। इस टेस्ट में मरीज की सांस कुछ देर के लिए रोकी जाती है। देखा जाता है कि कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर बढ़ने पर मरीज सांस लेने की कोशिश करता है या नहीं।
रविवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने उनका हाल जाना। उनके साथ मंत्री संजय प्रसाद यादव और केशव महतो कमलेश भी थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया है, फिलहाल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा के तहत उनका इलाज चल रहा है, डॉक्टरों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन की तबीयत में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उन्हें निगरानी में रखी हुई है और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हर बारीकी पर सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन अस्पताल में मौजूद हैं।
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बता दें कि 81 वर्षीय दिशोम गुरु को किडनी संबंधी जटिलता के साथ हल्का ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को उनकी हालत स्थिर बताई गई थी, लेकिन रविवार को पुनः थोड़ी अस्थिरता देखी गई है। उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचे हैं और गुरुजी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। झारखंड के आदिवासी समाज से लेकर आम नागरिक तक, सभी दिशोम गुरु के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।
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