डेस्कः संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही जारी है। इस बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में जोरदार हंगामा भी हुआ है। मंगलवार को राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर तंज कसा तो बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा आग बबूला हो गए। नड्डा ने पीएम पर की गई टिप्पणियों को अपमानजनक बताते हुए खड़गे पर ही ऐसी टिप्पणी कर दी कि उन्हें तुरंत माफी मांगनी पड़ गई।
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दरअसल नड्डा मल्लिकार्जुन खड़गे के उन बयानों पर आपत्ति जता रहे थे जिनमें खड़गे ने पीएम मोदी के पाकिस्तान जाने पर निशाना साधा था। इस पर नड्डा भड़क उठे। केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने खड़गे पर हमला बोलते हुए कहा, “जिस तरह से उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणियां की है, वह ठीक नहीं। मोदी जी आज विश्व के सबसे पॉपुलर लीडर हैं और 11 साल से देश के प्रधानमंत्री है। यह पार्टी के लिए ही नहीं देश के लिए भी गौरव की बात है।”
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नड्डा ने आगे खड़गे को संबोधित करते हुए कहा, “लेकिन आप पार्टी से इतने जुड़ गए हैं कि आपके लिए देश का विषय गौण हो जाता है और आप अपना मेंटल बैलेंस (मानसिक संतुलन) खो कर उन शब्दों का प्रयोग करते हैं।” नड्डा के इन शब्दों पर राज्यसभा में हंगामा मच गया। उपसभापति हरिवंश नारायण ने मामले को शांत करने की कोशिश भी की, लेकिन विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए। इसके बाद नड्डा को माफी मांगनी पड़ी।हंगामा बढ़ता देख जे पी नड्डा ने माफी मांगते हुए कहा, “मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। मैं मानसिक संतुलन नहीं कहना चाहता था। उन्होंने भावावेश में ये शब्द कहे हैं। उस शब्द को हटाकर भावावेश कर दीजिए।” नड्डा के इन बयानों के बाद भी सदन में खूब हंगामा हुआ।
बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगें साहब को कहा कि वह 'मेंटल बैलेंस खो चुके हैं”।
बाद में नड्डा जी को गलती है अहसास हुआ और उन्होंने माफी माँगी। pic.twitter.com/hAXM1sX5NN
— Aadesh Rawal (@AadeshRawal) July 29, 2025
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इससे पहले खड़गे ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की विपक्ष की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस संबंध में पत्र लिखकर सरकार से मांग की लेकिन सरकार ने उस पर कोई जवाब नहीं दिया। खड़गे ने आगे कहा कि भारत-चीन युद्ध के बाद कुछ विपक्षी सांसदों की मांग पर ही तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने विशेष सत्र बुलाया था और उसे गुप्त रखने की बात नकार दी थी, उनका कहना था कि जनता से कोई बात छिपाने की जरूरत नहीं है। खड़गे ने कहा कि लेकिन इस सरकार ने न तो विशेष सत्र बुलाया और न ही विपक्ष को कोई जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जो भी जानकारी मिली, वह मीडिया या अन्य स्रोतों से मिली।
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वहीं सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के शामिल नहीं होने पर भी खड़गे ने आपत्ति जताई और कहा कि वह बैठक में नहीं आए और चुनाव प्रचार करने बिहार चले गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में होना चाहिए था और उन्हें विपक्ष की बात सुननी चाहिए थी। खड़गे ने प्रधानमंत्री की 2015 की पाकिस्तान यात्रा पर तंज कसा जो पूर्व निर्धारित नहीं थी। उन्होंने कहा, "आप पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, लेकिन हमें यह भी याद है कि आप अचानक बिना किसी पूर्व घोषणा के लाहौर पहुंच गए थे।"




