पटनाः राजधानी पटना में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जिले के मसौढ़ी प्रखंड के एक कुत्ते का निवास प्रमाण पत्र बन गया है। देखते ही देखते ये सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने सरकारी कामकाज की विश्वसनीयता पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। जिसके बाद पटना के जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
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डीएम ने मसौढ़ी के एसडीएम को 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। सोमवार को एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें राजस्व अधिकारी मुरारी चौहान और एक को दोषी पाया गया। डीएम ने राजस्व अधिकारी के निलंबन की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की है।
मसौढ़ी अंचल में ‘डॉग बाबू' के नाम से निवास प्रमाण पत्र निर्गत करने का मामला प्रकाश में आया है। मामला संज्ञान में आते ही उक्त निवास प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है।
साथ ही आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले पदाधिकारी के विरुद्ध स्थानीय थाना में प्राथमिकी… pic.twitter.com/POxB4nXFch
— District Administration Patna (@dm_patna) July 28, 2025
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इसके साथ ही, यह भी सामने आया कि मुरारी चौहान ने बिना किसी गहन जांच के आवेदन को आगे बढ़ाया, जिससे यह गंभीर चूक हुई। इस कार्रवाई को सरकारी कामकाज में लापरवाही के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है।इस मामले में आईटी सहायक मंटू कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। उन्होंने बिना समुचित जांच के आवेदन को राजस्व अधिकारी के लॉगिन पर स्वीकृति के लिए अग्रसारित किया। उनकी इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीएम ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया।
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जांच में यह भी पता चला कि आवेदक ने नियमों के खिलाफ जाकर किसी अन्य व्यक्ति के पहचान पत्र का दुरुपयोग किया और गलत शपथ-पत्र देकर निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की कोशिश की। इस मामले में आवेदक के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मसौढ़ी एसडीएम अभिषेक कुमार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि आवेदक की कोई व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है और आवेदन में प्रयुक्त आधार कार्ड किसी अन्य व्यक्ति का है। एसडीएम का मानना है कि यह आवेदन मजाक या शरारत के उद्देश्य से जमा किया गया था।

