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JPSC Result: दो सगी बहनों का कमाल, पहले प्रयास में पाई सफलता, बेटा ना होने पर माता-पिता को मिलते थे ताने

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Live Dainik

July 27, 2025

two sister crack jpsc exam

JPSC Result: झारखंड सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद, राजधानी रांची की दो सगी बहनों ने एक साथ इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। इन होनहार बहनों के नाम दिव्या भगत और विद्या भगत हैं। दोनों बहनों की यह सफलता दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और सही रणनीति से पहले ही प्रयास में बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

जहां एक ओर दिव्या ने 309 रैंक लाया तो विद्या ने 312 रैंक लाकर अपने सपने को पूरा किया। खास बात यह रही कि इन दोनों बहनों ने अपनी पढ़ाई लिखाई भी साथ ही रांची के संत फ्रांसिस स्कूल से कंप्लीट की है। इसके बाद रांची यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया व पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद दोनों ने 2021 से जेपीएससी की प्रिपरेशन में लग गई।

दिव्या बताती है, हम दोनों ने एक साथ ही तैयारी शुरू की। दोनों के बीच बहुत प्यार है। लेकिन दोनों के दूसरे के बहुत बड़े आलोचक भी है। हमेशा एक दोनों को सुधारते हैं व पढ़ाई के दौरान भी एक ही रूम में पढ़ा करते थे। वह नॉर्थ साइड तो मैं साउथ साइड और दोनों एक साथ स्ट्रेटजी बनाते थे।

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वह अपना स्ट्रेटजी बनाती मैं अपना बनाती और फिर देखते कि किसका बेस्ट है। उसका कुछ इंटेलेक्ट आइडिया होता कुछ मेरा होता। इस तरीके से हम दोनों ने मिलकर इस एग्जाम को क्रैक किया। हमने एक रूटीन बनाया और दोनों समय पर साथ में पढ़ने बैठ जाते। हर दिन 8 से 10 घंटे की पढ़ाई हो जाती थी।

क्योंकि, हमारे घर में कोई बेटा नहीं है। केवल हम दो बहने हैं। ऐसे में हमने जिम्मा उठाया कि अपने पिताजी का सपना हम दोनों बहने पूरा करेंगे। कई बार समाज ताना देती है कि घर में कोई बेटा नहीं है। हमने सोचा हम दोनों बेटी बेटा से कम है क्या।

ऐसा बनकर दिखाएंगे कि समाज खुद हमारी तारीफ करें। आज यह सपना हमारा पूरा हो चुका है और सबसे बड़ी बात यह हमारा पहला ही प्रयास था। लेकिन इस पहले प्रयास के पीछे 5 साल की कड़ी मेहनत है।

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कंसिस्टेंसी, हार्ड वर्क, लगन और डिसिप्लिन है। हमारा उठने, बैठने, खाने हर चीज का एक टाइम टेबल बना रहता था। हमने उसी को फॉलो किया। शादी-विवाह, सोशल मीडिया हर चीज से दूरी बनाकर रखी। कई बार लोग कहते भी थे कि आप आते क्यों नहीं। कुछ लोग नाराज भी होते थे।

लेकिन हमें पता था सफलता मिलेगी तब मान जाएंगे और सब कुछ समझ में आ जाएगी। हमारे पिता रिटायर्ड पर्सन है। घर की हालत इतनी अच्छी नहीं। बहुत अधिक स्टडी मैटेरियल से अच्छा यूट्यूब पर अवेलेबल स्टडी मैटेरियल पर ध्यान दिया। रांची के कैटालिस्ट आईएएस से हमने कोचिंग की। इस सफलता से हम दोनों बहने काफी फख्र महसूस कर रहे हैं।

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