डेस्कः अक्सर हम तस्वीरों में एक धड़ और दो या कई सिर वाली देवी देवताओं की तस्वीरें देखते हैं। ब्रह्मा जी के चार सिर बताए गए हैं। इन्हीं में से एक सिर को भगवान शिव ने काट दिया था। रावण के बारे में भी वर्णन है कि उसके 10 सिर थे। लेकिन इंदौर में एक ऐसी घटना हुई है जो चर्चा का विषय बन गई है। इंदौर के एक अस्पताल में दो सिर वाले नवजात का जन्म हुआ है। एक बॉडी और दो सिर वाले अनोखे जुड़वां बच्चों के जन्म से डॉक्टर भी हैरान हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि महिला की लगभग हर महीने की जांच के बावजूद डॉक्टरों को गर्भ में पल रहे इन बच्चों के बारे में कैसे पता नहीं चला। बताया जाता है कि एमटीएच अस्पताल में इन बच्चों का जन्म ऑपरेशन से हुआ। महिला अस्पताल के इमरजेंसी यूनिट में भर्ती हुई थी। नवजात अभी अस्पताल के शिशु रोग विभाग में भर्ती हैं।
अस्पताल का कहना है कि अभी उन्हें एनआईसीयू में ऑब्जरवेशन पर रखा गया है। दोनों ही शिशु डॉक्टरों की देखरेख में हैं। दोनों स्वस्थ हैं। एमटीएच अस्पताल की डॉक्टर अनुपमा ने बताया कि देवास के रहने वाले वीर सिंह भिलाला की 22 वर्षीय पत्नी रुसा देवास से रेफर होकर अस्पताल में आई थीं। बुधवार को उन्हें लेबर पेन होने के बाद डॉक्टर ने उनका ऑपरेशन करने का फैसला किया।
ऑपरेशन के दौरान जब डॉक्टरों ने बच्चे को देखा तो हैरान रह गए। बच्चे दो थे लेकिन उनका धड़ एक था। डॉक्टरों ने कहा कि दो सिर वाले इस नवजात का ऑपरेशन काफी जटिल था। बच्चों के जन्म के बाद अनोखा केस देखते हुए डॉक्टरों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने का फैसला किया। डॉक्टर अनुपमा ने बताया कि अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
डॉक्टर ऐसे नवजात के जन्म से हैरान है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भवती महिला की जांच प्रसव से पहले की जाती रही। हैरानी की बात यह है कि सोनोग्राफी में डॉक्टरों को यह नजर क्यों नहीं आया। अस्पताल का कहना है कि यह एक अनोखा मामला है। अभी बच्चे स्वस्थ हैं लेकिन आगे कुछ कहा नहीं जा सकता है। इसी वजह से उन्हें ऑब्जरवेशन पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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