खूंटी में भारी बारिश के बाद बह गया डायवर्सन, 100 से ज्यादा गांव के लोग हुए प्रभावित

खूंटी में भारी बारिश के बाद बह गया डायवर्सन, 100 से ज्यादा गांव के लोग हुए प्रभावित

खूंटीः झारखंड में मानसून इस बार पूरे रंग में है। रांची और उसके आसपास के जिलों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। भारी बारिश की वजह से खूंटी के डोड़मा से गोविंदपुर रोड़ का डायवर्सन बह गया है जिसके बाद से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को 25 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करके जाना पड़ता है। हालांकि डायवर्सन मरम्मती की काम एजेंसी ने अपनी ओर से शुरू कर दिया है।

घर में छापा चल रहा था, फिर भी नहीं रुका पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का काला कारोबार; ED का बड़ा खुलासा
दरअसल, सिमडेगा-खूंटी मेन रोड़ पर बना पुल तीन हफ्ते पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। तोरपा प्रखंड के डोड़मा- गोविंदपुर रोड़ पर डायवर्सन भारी बारिश के बाद बह गया। इसके बाद से इस रोड़ पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले पर स्थानीय प्रशासन से लेकर विधायक तक ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों के अनुसार, 24 जून को डायवर्सन टूटने की स्थिति में था और मंगलवार को वो पूरी तरह से बह गया। डायवर्सन के बहने की जानकारी विधायक से लेकर प्रशासन को दी गई लेकिन किसी ने इसका संज्ञान नहीं लिया है।

 

दिल्ली-रांची गरीब रथ में धुआं उठने के बाद लगानी पड़ी इमरजेंसी ब्रेक, मची अफरातफरी
जब मीडियाकर्मियों ने परेशानियों पर ध्यान दिया तो प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन ने बारिश में बहे डायवर्सन को बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डायवर्सन निर्माण से पहले ही इसमें गड़बड़ियां हुईं थी लेकिन एजेंसी ने मनमानी करते हुए बना दिया, जिसका नतीजा है कि वह बारिश में बह गया।

झारखंड में स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, कई जिलों के सिविल सर्जन बदले गए
गौरतलब है कि दो दशक पहले बना पुल खूंटी और गुमला जिले को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है, जो रांची जिले के लापुंग से होकर गुजरता है। खूंटी को गुमला जिला मुख्यालय और लापुंग से जोड़ने वाले इस मार्ग से सौ से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। डोड़मा, जम्हार, गोविंदपुर रोड रेलवे स्टेशन और गोविंदपुर को जिले से जोड़ने वाले इस पथ के अवरुद्ध होने से बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। बाला मोड़, कुदरी, जरियागढ़, गोविंदपुर, लालगंज और लापुंग के ग्रामीणों को खूंटी पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now